सिद्धार्थनगर। व्यावसायिक वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर असली वाहन स्वामियों को चूना लगाया जा रहा है। बाइक के पंजीकरण नंबर की प्लेट लगाकर दूसरे जिलों व राज्यों में कंटेनर और टैक्सी चलाई जा रही हैं। यातायात के नियम फर्जी नंबर प्लेट वाले वाहन तोड़ रहे हैं और चालान सही पंजीकरण वाले वाहन स्वामी का कट जा रहा है। इस खेल से वाहन जनपद के वाहन स्वामी परेशान हैं। सही रहते हुए उन्हें जुर्माना भरना पड़ रहा है। वहीं, परिवहन और पुलिस विभाग धोखाधड़ी का शिकार होने वालों की समस्या से अनजान बना हुआ है।
एआरटीओ और ट्रैफिक पुलिस के पास आए दिन ऐसे मामले आ रहे हैं कि वाहन सिद्धार्थनगर में हैं और प्रयागराज, लखनऊ और अन्य जनपद में उनका चालान कटने का मैसेज मोबाइल पर पहुंच रहा है। लेकिन, समस्या का निस्तारण और प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। वाहनों का प्रयोग करके होने वाले अपराध को देखते हुए यातायात नियमों में कई बदलाव किया जा रहा है। जिससे अपराध करने वाले को पकड़ा जा सके और कार्रवाई हो सके। वाहन का गलत प्रयोग न हो इसके लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बाद जालसाजों ने इसका भी फर्जी इस्तेमाल शुरू कर दिया है। बाइक के नंबर पर कहीं कंटेनर तो कहीं कार चल रही है। वहीं जनपद में ऐसे भी मामले सामने आए हैं जहां एक बाइक के नंबर पर कई वाहन चल रहे हैं। जब चालान कटकर असली वाहन स्वामी के पर मैसेज आ रहा है तो वह दौड़भाग कर रहे हैं। लेकिन अंतत: उन्हें जुर्माना राशि भरनी ही पड़ रही है। कारण समस्या का निदान करने वाला कोई नहीं है।
बाइक इटवा में, प्रयागराज में कंटेनर पर लगा मिला नंबर
इटवा क्षेत्र के रहने वाले अयाज अहमद के पास बाइक है। तीन मई को उनकी बाइक का चालान होने का मोबाइल पर मैसेज आया। आठ हजार रुपये का चालान हुआ था। जब प्रिंट आउट लिए तो पता चला कि उनकी बाइक नंबर का चालान प्रयागराज में हुआ है जो किसी कंटेनर पर लगा हुआ था। वह एआरटीओ कार्यालय में पहुंचे। लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
बाइक घर पर थी, कट गया बिना हेलमेट और तीन सवारी में चालान
खेसरहा थाना क्षेत्र के धमौरा गांव निवासी अजय कुमार के पास बाइक है। उनकी बाइक घर पर खड़ी थी और मोबाइल पर चालान होने का मैसेज आ गया। इसमें बिना हेलमेट और तीन सवारी चलने पर जुर्माना कटा था। बाइक का चालान जिले के ही इटवा थाना क्षेत्र में हुआ था। अजय ने दौड़भाग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
हर माह एआरटीओ कार्यालय में पहुंच रहे लोग
बाइक के नंबर प्लेट पर ट्रक, कार और अन्य वाहन का चालान होने के मामले बढ़ रहे हैं। एआरटीओ कार्यालय से जुड़े लोगों के मुताबिक हर माह 25 से 30 लोग ऐसे पहुंचते हैं, जिनकी मोबाइल पर बड़े वाहनों का चालान होने की मैसेज आ रहा है। लेकिन यहां भी उनके हाथ निराश लग रही है।
पुराने नंबर प्लेट वाले वाहनों पर अधिक धोखेबाजी
जिन वाहनों के गैर जनपद में चालान होने का मैसेज वाहन स्वामियों के नंबर पर आ रहा है। उनमें अधिकांश वाहन के नंबर प्लेट पुराने हैं। अभी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगा हुआ है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि फर्जीवाड़ा करने वाले पुराने नंबर ही प्रयोग कर रहे हैं। क्योंकि इस पर नंबर प्लेट पर ही चालान कर दिया जाता है।
गलत कार्य करने वाले करते हैं फर्जी प्लेट का इस्तेमाल
पुलिस विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल अवैधानिक कार्य करने वाले ज्यादा करते हैं। जैसे तस्करी, लूट, छिनैती और अन्य प्रकार के अपराध। तभी वह दूसरे वाहनों पर दूसरे का नंबर प्लेट लगाकर चलते हैं। जिससे पकड़े जाने के बाद या फिर कोई घटना को कारित करने के बाद सही मालिक पकड़ा जाए। ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं अगर किसी के साथ होती है तो तत्काल थाने में शिकायत दर्ज कराएं। जिससे निकट भविष्य में अगर कुछ होता है तो बचाव हो सके।
नहीं बदली जा सकती एचएसआरपी
वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट इसीलिए जरूरी है क्योंकि वाहन चोरी होने की दशा में दूसरी नंबर प्लेट नहीं लग पाएगी। क्योंकि इसके आवेदन करने की प्रक्रिया कुछ अलग है। इसमें वाहन का नंबर, चेसिस नंबर, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, किस एजेंसी से वाहन खरीदा गया उसका नंबर सहित अन्य पता देना होता है। अगर एक भी जानकारी आवेदन में छूटी तो आवेदन नहीं हो पाएगा। साथ ही डीलर के यहां से ही नंबर मिल सकता है। बाकी कोई जारी नहीं कर सकता है। इसलिए हाई सिक्योरिटी नंबर वाले प्लेट बदलने की आशंका कम रहती है। ऐसे में सभी को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवा लेनी चाहिए।
- अमरेश यादव, यातायात प्रभारी
बोले अधिकारी
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट केवल अधिकृत डीलर के यहां से ही मिलती है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन होता है। वाहन से संबंधित सारी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी करनी होती है। तभी नंबर प्लेट जारी होती है। यहां की गाड़ियों का दूसरे स्थानों पर दूसरे वाहनों पर इस्तेमाल के जो मामले सामने आ रहे हैं इनमें या तो पोर्टल पर वाहन नंबर दर्ज करते समय गलती हो रही है या फिर पुराना नंबर प्लेट है, जिस पर चालान हो रहा है। बाकी हाईसिक्योरिटी नंबर प्लेट कोई दूसरा जारी कर ही नहीं सकता है और न ही दे सकता है।
- अरुण प्रकाश चौबे, एआरटीओ सिद्धार्थनगर