लोकसभा में उठाया भोजपुरी का मुद्दा
सिद्धार्थनगर। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने भोजपुरी, राजस्थानी और भोटी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की। सदन में जगदंबिका पाल ने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों में बोली जाने वाली भाषा भोजपुरी, राजस्थानी और भोटी को अभी तक संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है, जबकि यह तीनों भाषाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विदेशों में मान्यता प्राप्त कर चुकी हैं। भारत में इस संदर्भ में 1969 से लेकर अब तक 19 बार गैर सरकारी विधेयक लाए जाने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आंकड़ों के अनुसार 16 देशों में लगभग 20 करोड़ लोग भोजपुरी बोलते हैं। भोजपुरी भाषा ब्राजील, फिजी, गुयाना, मॉरिशस, दक्षिण अफ्रीका, त्रिनिदाद और टोबागो आदि देशों में बोली जा रही है। उन्होंने भारत सरकार से भोजपुरी, राजस्थानी और भोटी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की।