फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: भीमापार अंडरपास निर्माण में आई तेजी, डेढ़ लाख आबादी की राह होगी आसान

विज्ञापन
शहर के भीमापार में निर्माणधीन अंडरपास। संवाद
विज्ञापन
:पांच साल पहले रेलवे ने बंद कर दिया था फाटक, दो किलोमीटर चक्कर लगा रहे थे लोग
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर के बहुप्रतीक्षित भीमापार रेलवे अंडरपास के निर्माण में तेजी आ गई है। रेल लाइन के उत्तर भीमापार की ओर अंडरपास की खोदाई कर फर्श और दीवार बनाने के लिए सरिया बिछाकर ढलाई की तैयारी हो रही है। इसके बाद दक्षिण तरफ अंडरपास के लिए खोदाई कर निर्माण होगा।
विभाग की मानें तो निर्माण कार्य में तेजी के चलते एक माह में पूरे होने के आसार हैं। अंडरपास के निर्माण से भीमापार की तरफ रहने वालों को आवागमन में होने वाली सुविधा के चलते प्रसन्नता है। भीमापार रेलवे क्रॉसिंग के जून-2021 में बंद होने से एनएच ओवरब्रिज के नीचे से यहां तक आने वाले इस मार्ग पर आवागमन बंद हो गया, जिससे यहां रेल लाइन के दोनों तरफ के लोगों को आवागमन में असुविधा होने लगी।
विज्ञापन

रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से शहर दो हिस्सों में बंट गया है और भीमापार के लोगों को दूसरी तरफ जाने के लिए डेढ़ किमी लंबे ओवरब्रिज समेत दो से ढाई किमी लंबी दूरी घुमावदार रास्ते से तय करके दूसरी तरफ जाना पड़ता है। जबकि ओवरब्रिज के पास हादसे की आशंका भी बनी रहती है। क्राॅसिंग बंद होने से आवागमन पर असर पड़ा है। इसके साथ ही स्थानीय दुकानदारों व व्यापारियों का कारोबार ठप हो गया। इससे परेशान स्थानीय लोगों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए इसे खुलवाने की मांग की थी। साथ ही लोगों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम के माध्यम से रेलवे उच्चाधिकारियों से भी गुहार लगाई थी।
अधिवक्ताओं ने भी भीमापार रेलवे क्रॉसिंग खुलवाने अथवा अंडरपास बनाए जाने के लिए आंदोलन किया था। सांसद जगदंबिका पाल ने इस मुद्दे को संसद में उठाते हुए रेलमंत्री से मिलकर अंडरपास बनवाने की मांग की थी। इसके बाद रेलवे ने यहां अंडरपास निर्माण की स्वीकृति दी है। वर्तमान में इसके निर्माण कार्य में तेजी को देखते हुए स्थानीय लोगों में इस मार्ग के जल्द संचालित होने की खुशी दिखाई दे रही है।
-
5.5 मीटर होगी अंडरपास की चौड़ाई
शहर के भीमापार में बने रहे रेलवे अंडरपास की चौड़ाई 5.5 मीटर होगी। भीमापार मोहल्ले की तरफ से अंडरपास के पहुंच मार्ग की लंबाई 105 मीटर होगी, जबकि दूसरी तरफ विकास भवन की ओर इसके पहुंच मार्ग की लंबाई 85 मीटर होगी। रेल लाइन के नीचे अंडरपास के पाकेट की चौड़ाई 5.5 मीटर और ऊंचाई 3.6 मीटर होगी। इससे बाइक सवार, कार, टैंपो, पिकअप और ट्रैक्टर-ट्राॅली समेत अन्य वाहन चालकों के आवागमन में सुविधा होगी। इससे शहर के भीमापार की तरफ की आबादी समेत आसपास के गांवों के डेढ़ लाख लोगों की राह आसान हो जाएगी।

शहर से कट गए थे तीन वार्ड
भीमापार मार्ग पर बड़ी संख्या में दुकानें थी। शाम को बाजार लगता था। इसी मार्ग पर छह निजी अस्पताल, चार विद्यालय, दो ट्रैक्टर एजेंसी हैं, लेकिन रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से यहां के तीन वार्ड शहर से कट गए थे। साथ ही इस मार्ग पर आवागमन ठप होने से यहां स्थित कई दुकानें बंद हो गई थीं। यहां अस्थायी दुकान लगाने वालों के साथ ही सब्जी, चाय, पान की गुमटी व ठेला वालों का भी कारोबार समाप्त हो गया था। अंडरपास बनने से भीमामार, रेहरा क्षेत्र सहित करीब 50 गांवों के लोगों की सुविधाएं बढ़ने वाली है। इसमें छह निजी अस्पताल, चार विद्यालय के बच्चों को भी लाभ होगा।
विज्ञापन



हादसे में जा चुकी है दो लोगों की जान

भीमापार रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से स्कूल, बाजार अथवा कलक्ट्रेट और विकास भवन जाने की जल्दबाजी में लोग यहां अक्सर रेल लाइन पार करते हैं। इस कारण हर समय हादसे का खतरा रहता है। दो वर्ष पूर्व यहां बर्डपुर क्षेत्र निवासी कक्षा-11 का छात्र जो सिहेंश्वरी इंटर काॅलेज में पढ़ता था, रेल लाइन पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इसी तरह यहां हादसे में एक बुजुर्ग की भी जान जा चुकी है। जबकि रेल लाइन पार करते अचानक ट्रेन आने से साइकिल और बाइक क्षतिग्रस्त होने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा ओवरब्रिज से नीचे उतरने के बाद भीमापार की ओर मुड़ने पर कई बार वाहनों में टक्कर हो जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें