मनरेगा में सामान खरीदारी को लेकर हुई गड़बडिय़ों की जांच के लिए बुधवार को सीबीआई की टीम ने जिले के कई ब्लाकों में एक साथ दबिश डाली। प्रिंटर, जनरेटर, तेल की खरीद संबन्धी रिकार्ड देखे और कर्मचारियों को सारे दस्तावेज के साथ जिला मुख्यालय पर तलब किया। देर शाम तक गोपनीय स्थान पर सीबीआई टीम रिकार्ड जांच करती रही। सीबीआई के हाथों जांच शुरू होने से मनरेगा से जुड़े कर्मचारियों में खलबली मच गई है। जनरेटर-तेल के नाम पर भारी धांधली पकड़े जाने की आशंकाओं से सहमे हुए हैं।
वर्ष 2008-09 में मनरेगा के शुरुआती दौर में ही ब्लाकों में जनरेटर, प्रिंटर, कम्प्यूटर सहित अन्य सामानों की खरीद की गई थी। कई स्थानों पर इसकी खरीद में काफी गड़बडिय़ां हुई थी। सस्ते दामों के सामान खरीदकर अधिक के बिल का भुगतान करा लिया गया। सीबीआई ने इन गड़बडिय़ों की जांच शुरू कर दी है। इसी के तहत बुधवार को दोपहर सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम ने पहले बर्डपुर ब्लाक में छापा मारा। अचानक से पहुंची टीम सीधे जनरेटर कक्ष में गई। जनरेटर के इंजन का नंबर, ढांचा, स्थिति देखकर डायरी में अंकित किया। जांच की खबर मिलते ही कर्मचारी भी वहां पहुंच गए। बड़े बाबू चंद्रभूषण पूछताछ के बाद डायरी पर दस्तखत कराया और सारे दस्तावेज लेकर जिला मुख्यालय आने की बात कह निकल गए। करीब आधे घंटे के निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्य आपस के अलावा किसी से बातचीत नहीं की। इसके कुछ ही देर बाद टीम शोहरतगढ़ ब्लाक कार्यालय पहुंची। यहां भी जनरेटर की छानबीन की। कर्मचारियों से उसके एवरेज व तेल की खपत के बारे में पूछा। बताया गया कि जनरेटर 1.20 लाख रुपये में खरीदा गया था। इसमें प्रति घंटा साढ़े 4 लीटर तेल उपयोग में आता है। टीम ने इस पर हैरानी जताते हुए सारे रिकार्ड लेकर मुख्यालय बुलाया। शोहरतगढ़ के बाद सीबीआई की टीम ने बढनी ब्लाक कार्यालय पहुंचकर भी छानबीन की। सीबीआई टीम के निरीक्षण से ब्लाकों में पूरे दिन गहमागहमी रही। जिला विकास अधिकारी व बर्डपुर के प्रभारी बीडीओ सुदामा प्रसाद का कहना था कि टीम आई थी, लेकिन बिना किसी से कुछ कहे सीधे जनरेटर कक्ष में जाकर छानबीन की। इससे ज्यादा कोई जानकारी उनके पास भी नहीं है।
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