अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लगाई गईं कुर्सियां।
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सिद्धार्थनगर। देर से ही जिला अस्पताल में सत्ता की परिवर्तन का असर दिखने लगा है। जहां मांगने के बाद भी मरीजों को बेड पर डालने के लिए चादर नहीं मिलती थी, अब मरीजों को भर्ती होते ही बेड पर चादर बिछा दिया जा रहा है। साथ ही उनकी देख-रेख पर भी ध्यान दिया जाने लगा है। अस्पताल की बदहाली को लेकर अमर उजाला ने चार दिन पूर्व खबर प्रकाशित की थी।
पांच वर्ष में जो नहीं बदला वह महज दस दिनों मेें बदला नजर आ रहा है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को अव्यवस्थाओं के चलते दुश्वारियां झेलनी पड़ती थी। भर्ती होने वाले मरीजों को बेड तो मिलता था, मगर उस पर बिछाने के लिए चादर नहीं मिलता था। दवाएं भी बाहर से खरीदनी पड़ती थी, साफ-सफाई का भी बुरा हाल था। मगर सत्ता परिवर्तन होते ही अस्पताल का दृश्य बदलने लगा है। सरकार की प्राथमिकता में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने की बात को वे जिम्मेदार समझने लगे हैं, जिन्होंने कभी अपनी जिम्मेदारी ही नहीं समझी थी। अस्पताल के इमरजेंसी से लेकर जनरल वार्ड सहित अन्य वार्डों में भर्ती मरीज के बेड पर चादर नजर आ रही है। वहीं जहां पहले हर कोने में गंदगी होती थी, अब वह भी साफ सुथरा दिखने लगा है। इमरजेंसी वार्ड में पति दरोगा को लेकर भर्ती सजनी गांव निवासी गैसबुन कहती हैं।
अस्पताल में जहां पहले कई बार बुलाने के बाद भी कोई कर्मचारी नहीं आता था, अब हर घंटे आकर देख रहे हैं। लोटन निवासी कलावती ने बताया कि पिछले कई वर्षों से अस्पताल में आ रही हूं। इस बार व्यवस्था काफी बदली हुई है। जगदीशपुर निवासी मुन्नाराज ने कहा कि काश हमेशा इसी प्रकार की सुविधा मिलती। लोटन पिता को लेकर भर्ती लोटन निवासी विषेश्वर मिश्र कहते हैं कि अब अस्पताल में बहुत कुछ बदल गया है। डॉक्टर समय से देख रहे हैं। सफाई व्यवस्था भी ठीक हो गई है।