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Siddharthnagar News: धड़ल्ले से बिक रहे प्रतिबंंधित उत्पाद ... सजग रहें वरना हो जाएंगे बीमार

Sat, 25 Apr 2026 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। शासन ने 14 ब्रांड के खाद्य तेलों सहित अन्य उत्पाद बनाने और बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इनकी सैंपलिंग और जांच में खाद्य तेल में खाद्य पदार्थ और वसा तेल में लेड तत्व की अधिक मात्रा होने की बात सामने आई है, जिसका नियमित सेवन कैंसर जैसी बीमारी का शिकार बना सकता है।
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इसके बावजूद ये उत्पाद बाजार में उपलब्ध हैं, ऐसे में निर्देश मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने प्रतिबंधित किए गए ब्रांड के तेल और अन्य उत्पाद की जांच और कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, उन्होंने लोगों से भी जागरूक होकर खरीदारी करने की अपील की है।
जनपद में पहले भी मिस ब्रांड तेल और मिलावटी घी का मामला सामने आ चुका है। वहीं, एक साल की जांच और सैंपलिंग में 388 में 214 नमूने असुरक्षित पाए गए हैं जो इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि मिलावट खोर हर वस्तुओं में मुनाफा ढूंढ़ रहे हैं। जनपद में खाद्य सामग्री की सप्लाई का सबसे बड़ा सेंटर गोरखपुर है। जिले किराना स्टोर पर बिकने वाले सामान जैसे खाद्य तेल सहित अन्य सामग्री का लगभग 60-70 प्रतिशत हिस्सा गोरखपुर की मंडी से ही आता है। इसमें थोक और फुटकर दोनों तरह के माल शामिल हैं।
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किराना दुकानदारों के मुताबिक, थोक दुकानदारों के यहां कानपुर और लखनऊ व पश्चिमी यूपी के कुछ तेल उत्पादन करने वाली कंपनी से सीधे सप्लाई होती है।
यहां तक कि दुकानदार टिन में बिकने वाले तेल में पॉम ऑयल मिलाकर उसे फुटकर में खरीदने वाले ग्राहकों में खपा दे रहे हैं। खरीद करने वालों को इस बारे में जरा सी भनक नहीं लगती है।
इसके अलावा दूसरा सबसे बड़ा खेल हर दिन बाजार में एक नया ब्रांड सामने आ जाता है, जिस पर चमचमाता हुआ रैपर लगा हुआ होता है। इसे बेचने पर दुकानदार को बड़ा मुनाफा होता है, ऐसे में जैसे ही आपने पूछा तो दुकानदार तपाक से यह नया आया, कहकर खरीदारों को इस ओर आकर्षित कर लेता है। सस्ता भी है और शुद्धता की गारंटी भी देने से वह गुरेज नहीं करते हैं। ऐसे तेल के स्वाद से तो पता नहीं चलता है, लेकिन अंदर-अंदर यह नियमित सेवन होने से सेहत पर प्रतिकूल असर डालना शुरू देता है।
अब शासन की ओर से कराई गई जांच में बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद संबंधित ब्रांड का उत्पादन रोकने के साथ ही बिक्री पूरी तरह से रोक दी गई है, लेकिन बाजार में माल आ गया तो खतरा टला नहीं है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भी भी जांच और कार्रवाई को लेकर तैयारी में है। जल्द ही छापा मारने का काम शुरू करेगी।
लग्न में जमकर खपाया जाता है मिलावटी माल : लग्न और त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। डिमांड बढ़ने के साथ ही मिलावटखोरों को इसे खपाने और मोटी कमाई करने का मौका मिल जाता है। इसमें खाद्य तेल की बात करें तो बिक्री अधिक होती है। क्योंकि, खाने के साथ ही दीपक जलाने में भी तेल का प्रयोग होता है।
नगर के एक कारोबारी ने बताया कि मौजूदा समय में बाजार में 10 से अधिक के ब्रांड के तेल बाजार में उपलब्ध हैं। दुकानदार के मुताबिक तेल में कई क्वालिटी के आते हैं। पैकेट पर तो दावा किया जाता है, लेकिन स्वाद में बहुत अंतर होता है। टिन और नए ब्रांड की पैकिंग में बड़ी शिकायत आती है। बड़े दुकानदार का लग्न में 15-20 लाख का कारोबार हो जाता है, सिर्फ लग्न में 20-25 करोड़ का तेल बिक जाता होगा।
मिलावटी सामान की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार जांच और सैंपल और जुर्माना की कार्रवाई करती है। अप्रैल 2025 से अबतक की कार्रवाई की बात करें तो विभाग के आकड़ों 335 नमून एकत्र किए गए थे। वहीं, पहले लिए नमूनों में 388 की रिपोर्ट मिल चुकी है, जिसमें 214 मानक के अनुरूप नहीं पाए गए।
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