संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सबसे सुरक्षित जोन कहे जाने वाले बैंक पर लोगों का पूरा भरोसा है। इसलिए रुपये के साथ-साथ लोग लॉकर में गहने सुरक्षित रख देते हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि यहां सुरक्षा की गारंटी है, लेकिन लखनऊ के चिनहट स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा के 42 लॉकर तोड़कर करोड़ों रुपये की चोरी की वारदात ने लोगों की नींद उड़ा दी है। लोगों में डर और भय है कि बैंक का लॉकर भी सुरक्षित नहीं है।
बैंक शाखाओं की सुरक्षा व्यवस्था का हाल जानने के लिए बैंक शाखाओं की पड़ताल की गई, तो दिन सशस्त्र से लैस सुरक्षाकर्मी मिले, लेकिन रात की सुरक्षा नाइटविजन कैमरा और बैंक अलॉर्म के भरोसे रहती है। हालांकि बैंक ग्राहकों को सुरक्षा की पूरी गारंटी दे रहा है। उनका कहना है कि सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक नहीं हो सकती है।
नगर के बैंकों की सुरक्षा के बारे में जानने के लिए बैंक पर पहुंचे। पीएनबी की शाखा पर सुरक्षाकर्मी मुस्तैद थे। इसके साथ ही कंट्रोल रूप में सीसीटीवी कैमरे की हर प्वाइंट पर निगरानी की जा रही है।
गार्ड हर आने- जाने वालों से पूछताछ करने के साथ ही संदिग्धों पर नजर रख रहे थे। ऐसा लगा कि घटना को लेकर वह भी चौकस हैं। क्योंकि लखनऊ के घटना में रेकी के बाद वारदात को अंजाम देने की बात सामने आई थी।
शाखा प्रबंधक प्रसून ने बताया कि बैंक में सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम हैं। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। लॉकर की सुरक्षा बहुत कड़ी है, यह पूर्ण रूप से सुरक्षित है। सुरक्षा गार्ड मौजूद रहते हैं। साथ ही डे और नाइटविजन हाइटेक कैमरा लगा है, जिसके जरिए हर कोने पर नजर रखी जाती है। इसके अलावा अलाॅर्म व्यवस्था है।
किसी भी हरकत की जानकारी मिल जाती है। नियमित थाने की पुलिस बैंक चेकिंग करने के लिए आते हैं। रात्रि में भी भ्रमण करते हैं। इसके अलावा एसबीआई की शाखा को देखा गया। यहां पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद मिली।
एसबीईआई के निजी गार्ड सशस्त्र के साथ तैनात दिखे। हर प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरा लैस मिला। हालांकि यहां पर किसी ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। कमोबेश सुरक्षा की स्थिति मिली।
दिन में सुरक्षा व्यवस्था को चौक चौबंद रहती है। रात्रि की सुरक्षा को पुख्ता करने की जरूरत है। कैसे तो चला जाता है, लेकिन लॉकर वहीं रहता है। फिलहाल रात्रि में पुलिस भ्रमण करती रहती है।े
सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।
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