बानगंगा लाल निशान पार, राप्ती भी ऊफान पर
नदियों का जलस्तर बढ़ने से पानी से दोबारा घिरे कई गांव
बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि बारिश में चार माह तक झेलनी पड़ती है सांसत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बानगंगा नदी एक बार फिर से लाल निशान पार कर गई है, वहीं राप्ती नदी भी खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी है। इससे कई गांव दोबारा बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गए हैं। पीड़ितों का कहना है कि उनको बाढ़ की समस्या से निजात नहीं मिल रही है।
बानगंगा नदी का जलस्तर रविवार को ही लाल निशान को पार कर गया है जो सोमवार को भी खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर बना हुआ था। वहीं तेजी से बढ़ रहा राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान को छूने को बेताब है। बीते 24 घंटे में 50 सेमी बढ़ा है। इससे इटवा, डुमरियागंज, बांसी, बढ़नी और शोहरतगढ़ क्षेत्र के कई गांव दोबारा बाढ़ के पानी से चारो तरफ से घिर गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण राकेश, हरिप्रसाद, ओंकार, बुझारत और ओमप्रकाश आदि का कहना है कि बारिश के मौसम में चार माह तक हम लोगों को बाढ़ का दंश झेलना पड़ता है। नदियों का जलस्तर बार-बार घटने और बढ़ने के साथ ही हम लोगों की सांसत होती है। जलस्तर बढ़ता है पानी से घिर जाते हैं और जब घटता है तो कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना मजबूरी हो जाती है। बाढ़ के पानी और बारिश के कारण घरों के आसपास जलभराव से संक्रमण का भी खतरा रहता है। जिले की अन्य नदियां बूढ़ी राप्ती, कूड़ा घोघी जमुआर का भी जलस्तर लाल निशान से नीचे है।
नदियों के जलस्तर (मीटर में)
नदी खतरे का स्तर सोमवार रविवार
बानगंगा 93.420 93.60 93.40
बूढ़ी राप्ती 85.650 81.690 81.690
राप्ती 84.900 83.880 83.830
जमुआर 84.89 81.23 81.23
तेलार 87.500 82.50 82.50
कूड़ा 83.520 79.820 79.860
घोघी 87.000 83.00 83.00