सिद्धार्थनगर। भारत के चावल निर्यात पर प्रतिबंध का असर नेपाली बाजार पर पड़ने लगा है। सरकार बाजार की नियमित निगरानी कर रही है। बताया जा रहा है कि यदि नेपाल में चावल की कीमतों में ज्यादा वृद्धि हुई तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
नेपाललें उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के मुताबिक, चावल के निर्यात पर भारत से प्रतिबंध को हटाने के लिए से बातचीत चल रही है। मंत्रालय के संयुक्त सचिव रामचंद्र तिवारी ने कहा है कि दीर्घकालिक प्रतिबंध नहीं होगा। निर्यात प्रतिबंध हटाने के लिए भारत सरकार से लगातार बातचीत की जा रही है। साथ ही व्यापारियों से अनुरोध किया है कि वे आवश्यकता से अधिक भंडारण न करें क्योंकि नेपाल में चावल की कोई कमी नहीं है। जो चावल पहले से ही आयात की प्रक्रिया में है, वह अभी भारत से आना बाकी है।
नेपाल के फूड एंड किराना ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र श्रेष्ठ ने कहा कि भारत की ओर से चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। सरकार के पास अभी 93 हजार क्विंटल चावल स्टॉक में है। खाद्य, प्रबंधन और व्यापार कंपनी लिमिटेड के सूचना अधिकारी शर्मिला सुबेदी न्यूपाने के अनुसार, चावल की आपूर्ति बाधित होने पर वितरण के लिए स्टॉक रखा जाता है। उन्होंने कहा कि चूंकि, यह संतुलन केवल तात्कालिक स्थिति को कवर कर सकता है, इसलिए भारत को लंबे समय तक निर्यात पर प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए और अन्य विकल्पों के बारे में सोचना चाहिए।