सिद्धार्थनगर। सीमावर्ती बढ़नी बाॅर्डर का इलाका नशे के कारोबार को लेकर संवेदनशील होता जा रहा है। यहां नशे के धंधेबाजों का नेटवर्क खड़ा हो रहा है। नौ मई को एसएसबी 50वीं वाहिनी की ओर से बढ़नी बाॅर्डर से दो तस्करों को 9.60 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा।
आरोपी तो बढ़नी के रहने वाले थे, लेकिन पकड़े गए आरोपियों ने बलरामपुर के एक सप्लायर दद्दू का नाम लिया है। पुलिस दद्दू नाम के सप्लायर और बताए गए स्थान के बारे में जानकारी लेने के साथ ही कड़ी से कड़ी को जोड़ रही है, जिससे नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
नेपाल बाॅर्डर पर स्थित बढ़नी कस्बा न सिर्फ बाॅर्डर से लगता है बल्कि पास में ही बलरामपुर जनपद भी है। सुनसान और आसानी से नेपाल तक पहुंच वाले इस इलाके को नशे के सौदागर सुरक्षित जोन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें बढ़नी कस्बे के संदिग्ध तस्करों की भूमिका अहम है।
बाॅर्डर पर स्मैक की बरामदगी में पकड़े जाने वाले अधिकतर तस्कर बढ़नी कस्बे और उसके इर्द- गिर्द के ही रहने वाले हैं। इसके साथ ही पूछताछ और जांच में सप्लाई की चेन बाराबंकी, गोंडा और बलरामपुर से जुड़ी पाई गई है। पिछले मामलों पर नजर डालें तो इस किसने सप्लाई दी और कितने रुपये लिए यह आरोपी न तो बताते हैं और न ही पुलिस कभी इन तक पहुंचने की सोचती है।
नौ मई को ढेबरुआ थाना क्षेत्र के बढ़नी बाॅर्डर से एसएसबी 50वीं वाहिनी बढ़नी की टीम ने चेकिंग के दौरान दो संदिग्धों को पकड़ा था। दोनों आरोपी बढ़नी कस्बे के निवासी थे और उनके कब्जे से 9.60 ग्राम स्मैक बरामद हुआ था। एसएसबी ने ढेबरुआ पुलिस के बजाए बलरामपुर जनपद की पचपेड़वा पुलिस को तस्कर को सौंपा, जहां उनपर एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में पूछताछ में सप्लाई करने वाला बलरामपुर का बताया जा रहा है। उन्होंने पुलिस को जानकारी दी है कि वह बलरामपुर से अपने प्रयोग के लिए लेते थे और उन्हें सप्लाई देने का काम दद्दू नाम का शख्स करता है। पुलिस ने जब हुलिया पूछा तो उन लोगों ने मुंह बांधे होने की बात कही।
लेकिन, सप्लाई वाले स्थान और संभावित कद काठी वाले चेहरे और पुराने अपराधियों की कुंडली जानने में जुटी है। कड़ी से कड़ी को जोड़ रही है, जिससे इस स्मैक के पूरे नेटवर्क को तोड़ा जा सके। माना जा रहा है कि अगर पुलिस दददू तक पहुंच गई तो बढ़नी में स्मैक की तस्करी और बिक्री के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।