पथरा थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2020 में हुई थी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अध्यक्ष किशोर न्याय बोर्ड जेएम अंकिता चौधरी ने एक बाल अपचारी को अप्राकृतिक दुष्कर्म को दोषी करार दिया। उन्होंने बाल अपचारी को उसके द्वारा बाल सुधार गृह में बिताई गई अवधि तीन वर्ष 11 दिन को उसकी सजा में समायोजित कर दिया है। मामला पथरा थाना क्षेत्र के एक गांव का था, जो वर्ष 2020 में घटित हुआ था।
पथरा थाना क्षेत्र के एक गांव में पुलिस ने पीड़ित बालक के संरक्षक की तहरीर पर बाल अपचारी के विरुद्ध अप्राकृतिक दुष्कर्म, मारपीट, धमकी व पाॅक्सो एक्ट का मामला दर्ज किया था। एफआईआर दर्ज करने के बाद पीड़ित का चिकित्सकीय परीक्षण करवाते हुए उसका न्यायालय में बयान करवाया। इसके बाद बाल अपचारी को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया था। जहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया था।
पुलिस ने विवेचना करके बाल अपचारी के विरुद्ध आरोपपत्र किशोर न्याय बोर्ड में दाखिल किया। किशोर न्याय बोर्ड ने संज्ञान लेकर विचारण किया। गवाहों के बयान, चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट, पीड़ित के आयु प्रमाणपत्र सहित सुसंगत दस्तावेज एवं मामले के तथ्यों व परिस्थितियों को देखते हुए किशोर न्याय बोर्ड ने बाल अपचारी को दोषी ठहराया।
बाल अपचारी के भविष्य को मद्देनजर रखते हुए किशोर न्याय बोर्ड ने उसके द्वारा बाल सुधार गृह में बिताई गई अवधि को सजा के तौर पर समायोजित कर दिया। पीड़ित पक्ष की पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने की।