बारिश की मार से खेत में फसल, खलिहान अनाज भीगा
जिले में 40 प्रतिशत से अधिक गेहूं की फसल खेत और खलिहान में
बारिश के बाद मशीन से कटाई, मड़ाई ठप किसान चिंतित
जिले में डेढ़ लाख हेक्टेयर भूमि पर हुई है गेहूं की खेती
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। बेमौसम बारिश की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। रबी के सीजन में आठ से अधिक बार हो चुकी बारिश से गेहूं की फसल पर प्रतिकूल असर पड़ा है। सोमवार की रात हुई बारिश से खेतों में गेहूं की फसल और खलिहान में बोझ सील गए हैं। बारिश के बाद फसल भीगने से मशीन से कटाई और बोझ की मड़ाई ठप हो गई है। अभी लगभग 40 प्रतिशत कटाई बाकी है। किसान चिंतित है कि अब हुई फसल हाथ से निकलने वाली है। हर बार प्रकृति की मार किसानों पर ही पकड़ रही है।
जिले में किसान दो प्रकार की फसलें लगाते हैं। इसमें गेहूं और धान की फसलें अधिक रकबे पर बोई जाती है। इस बार जिले में 1.58 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की खेती किसानों ने की थी। सूखे की मार झेल चुके किसानों ने गेहूं की फसल में अपनी पूरी पूंजी लगा दी कि कुछ भरपाई हो जाएगा। मगर बुवाई के बाद से ही ऊपर वाले की नाराजगी का किसान शिकार हो रहे हैं। कारण फसल बुवाई के बाद से ही लगातार कई बार बारिश हुई, जिससे फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई। फसलों में बाली निकल आने के बाद तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से 40 प्रतिशत फसलें जमींदोज हो गई थीं। इससे जो फसलें बची थी, बारिश के कारण उस पर भी संकट मंडरा रहा है। जिले में गेहूं की कटाई जारी है। खेत से अनाज घर में लाने के लिए किसान दिन रात खेतों में काम कर रहे हैं मगर प्रकृति के आगे किसान बेबस हो चुके हैं। सोमवार की देर रात तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने एक बार फिर किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। बारिश के कारण कटाई ठप हो गई। खेत और खलिहान में अभी लगभग 40 प्रतिशत फसल पड़ी है। बारिश के बाद मड़ाई और कटाई दोनों ठप हो गई है। किसान चिन्नू यादव, सुरेंद्र नाथ तिवारी, रुद्रनरायन, दूधनाथ तिवारी का कहना है कि बारिश से कटाई ठप हो गया। अगर दोबारा बारिश हो गया तो जो फसल बची हुई वह भी घर नहीं आ पाएगा। जिला कृषि सीपी सिंह ने बताया कि बारिश बहुत तेज नहीं थी। इसलिए धूप होने के बाद कटाई शुरू हो जाएगी। बारिश से बहुत असर नहीं पड़ा है। अधिकांश फसलें कट चुकी है।
खलिहान में रखी फसल की मड़ाई में होगी देरी
पशु पालन करने वाले किसान गेहूं की कटाई करके भूसा के लिए उसकी मड़ाई कराते हैं। अधिकांश किसान फसल की कटाई करने के बाद खलिहान में बोझ रखे हुए हैं। बारिश के कारण बोझ भीग गए हैं। ऐसे में अब किसानों को दो दिन धूप का इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद ही वह मड़ाई करा सकेंगे।