सिद्धार्थनगर। जिले में पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के परिवार में यदि छह या छह से अधिक सदस्य हैं तो उनका भी आयुष्मान कार्ड बन सकेगा। शासन की ओर से ऐसे लोगों को मुफ्त उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश सीएमओ को दिए गए हैं। इस योजना में एक साल के अंदर एक परिवार को पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा दी जाती है। इससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को लाभ मिलेगा।
जिला चिकित्सालय से जुड़े जनगणना को आधार बनाकर पात्र अंत्योदय कार्डधारकों और श्रमिकों को इसकी सुविधा दी जा रही थी। बीते 17 सितंबर से ऐसे पात्र गृहस्थी कार्डधारक, जिनके राशन कार्ड में सदस्यों की संख्या छह या छह से अधिक है। उनके लिए भी आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश शासन ने दिए हैं। इसके लिए सभी चिकित्साधिकारियों को सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ कार्यालय से जुड़े लोगों का कहना है कि सिद्धार्थनगर जिले में करीब 72 हजार पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों का डाटा स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराया गया है। इसमें छह या छह से अधिक संख्या वाले लोग आयुष्मान कार्ड बनवा सकेंगे। जानकारों का कहना है कि राशन कार्ड में दर्ज एक नाम को एक यूनिट माना जाता है। आयुष्मान कार्ड बनने के बाद एक साल के अंदर पांच लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की व्यवस्था सरकार की ओर से की जाती है।
ऑनलाइन आवेदन करके खुद बना सकते हैं कार्ड :
आयुष्मान कार्ड से जुड़े लोगों का कहना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति वेबसाइट beneficiary.nha.gov.in पर खुद भी कार्ड बना सकता है। गूगल प्ले स्टोर से आयुष्मान एप डाउनलोड करके यह सुविधा ली जा सकती है।
सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि शासन की ओर से पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऐसे कार्डधारक जिनमें छह या उससे अधिक परिवार के सदस्य शामिल हैं। वे लोग योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।