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बारिश के पानी में बर्बाद हो रहीं आयुर्वेदिक दवाएं

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बारिश के पानी में बर्बाद हो रहीं आयुर्वेदिक दवाएं
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डुमरियागंज। डुमरियागंज न्यू पीएचसी में शिफ्ट हुए आयुर्वेदिक यूनानी अस्पताल का हाल बेहाल है। यहां कीमती आयुर्वेदिक दवाएं बारिश के पानी में भीग कर बर्बाद हो रही हैं। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दे रही है लेकिन आधारभूत ढांचे में खामियों के कारण लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो रहा है।
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हल्लौर में प्राइवेट भवन में संचालित आयुर्वेदिक अस्पताल दो माह पूर्व ही डुमरियागंज न्यू पीएचसी भवन में शिफ्ट किया गया था। चार बेड के इस अस्पताल के लिए न्यू पीएचसी में भी एक जर्जर कमरा आवंटित किया गया। बारिश में इस कमरे में पानी जा रहा है। अस्पताल के फार्मासिस्ट राघवेंद्र दूबे ने बताया कि बारिश में कमरे में पानी टपकने से पूरी दवाएं भीग कर खराब हो रही हैं। नगर के नामित सभासद राजीव अग्रहरि ने बताया कि एक माह पहले विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने तहसील रोड पर बने अस्थायी गौशाला के पशुओं को कांहा गौशाला में पहुंचाने के बाद बिल्डिंग में आयुर्वेदिक अस्पताल को शिफ्ट करवाने का आश्वासन दिया था। जल्द ही बिल्डिंग को साफ सुथरा करवाकर अस्पताल को शिफ्ट करवाया जाएगा। नगर के संदीप, पवन यादव, विशाल, संतोष आदि ने अस्पताल को जल्द तहसील रोड पर बने बिल्डिंग में शिफ्ट करवाकर संचालन करवाए जाने की मांग की है। क्षेत्रीय अधिकारी आयुर्वेदिक एवं यूनानी डॉक्टर अशोक कुमार ने बताया कि अगर इस तरह का मामला है तो डुमरियागंज में मौजूद डॉक्टर से पता करवाया जाएगा। अगर बिल्डिंग स्वास्थ्य विभाग की है, तो सीएमओ से बिल्डिंग में आयुर्वेदिक अस्पताल को शिफ्ट करवाने के लिए पत्राचार किया जाएगा।
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