खुनुवां। सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले के बुद्धभूमि म्युनिसिपैलिटी-10 चेत्रादेई में मंगलवार को आयोजित एक इंटरैक्शन कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं और स्थानीय लोगों ने गिद्ध संरक्षण के मुद्दे पर यह गंभीर चिंता व्यक्त की।
विशेषज्ञों ने कहा कि प्रकृति के सफाईकर्मी और पर्यावरण संतुलन के महत्वपूर्ण घटक गिद्धों को बचाने के लिए व्यापक जागरूकता और सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता है।कार्यक्रम नेपाल बर्ड कंजर्वेशन एसोसिएशन की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें नेपाल पैरा वेटरनरी एंड लाइवस्टॉक एसोसिएशन और तिलौराकोट पार्टनरशिप फॉरेस्ट मैनेजमेंट ग्रुप ने समन्वय किया।
बता दें कि 20 मार्च को मोतीनगर गांव में जहरीले बीज खाने से 7 डांगर और 2 हिमालयन गिद्धों की मौत ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी। इस घटना के बाद स्थानीय समुदाय की भागीदारी से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण कुमार श्रेष्ठ ने कहा कि गिद्धों के संरक्षण में समुदाय की बड़ी भूमिका है और प्रतिबंधित दवाओं का उपयोग पूरी तरह बंद होना चाहिए।