सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील इकाई ने शुक्रवार को सदर तहसील में काम-काज ठप रखा। साथी पर मुकदमा दर्ज करने के विरोध में तहसील परिसर में धरना दिया। एसडीएम सदर की कार्यप्रणाली पर भी लेखपालों ने रोष जताया। 10 सूत्रीय मांगों का निस्तारण न होने की स्थिति में समाधान दिवस का बहिष्कार और प्रदर्शन को बेमियादी करने की चेतावनी दी।
तहसील अध्यक्ष कृष्णभूषण द्विवेदी ने कहा कि एसडीएम सदर का लेखपालों के साथ व्यवहार ठीक नहीं है। अधीनस्थों पर हमेशा कार्रवाई व मुकदमा लिखवाने की चेतावनी देते हैं। ऐसे दबाव में लेखपाल कार्य करने में असहज महसूस कर रहे हैं। तहसील मंत्री उमेश वर्मा ने कहा कि 28 अप्रैल को एसडीएम सदर से लेखपाल संघ के प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता की थी। लेखपाल पर दर्ज कराए मुकदमे को वापस लेने, नियम विरुद्ध स्थानांतरण को निरस्त करने, समय से वेतन भुगतान, प्रशिक्षु लेखपालों को विषयवार कक्षाएं संचालित करने सहित 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी सौंपा गया, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस दौरान जिला मंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद शिवाकांत पांडेय, उपाध्यक्ष डीएन त्रिपाठी, प्रभुदयाल यादव, विनय पांडेय, संजय कुमार, सुरेंद्र भारती, दिलीप चौरसिया, सुभाष मौर्या, गणेश त्रिपाठी, रामशंकर द्विवेदी, प्रमोद श्रीवास्तव, रामकरन गुप्ता, कपिलदेव, देवानंद, शिवप्रसाद यादव, अब्दुल गफ्फार, बृजेश त्रिपाठी, रामशंकर यादव, गिरीश तिवारी, परमात्मा श्रीवास्तव, अरविंद चौबे, दिनेश गौड़, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, अशोक गुप्ता, अनूप यादव, वीर विक्रम, आलोक मोहन मिश्रा, खुड़बुड़ राम, देवेंद्र श्रीवास्तव, रामचंद्र प्रसाद, विमल किशोर यादव, रमेश जी पाठक और नरेंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।