फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एएसपी की फेसबुक आईडी का क्लोन बनाकर मांगी रकम

विज्ञापन
विज्ञापन
एएसपी की फेसबुक आईडी का क्लोन बनाकर मांगी रकम
विज्ञापन

अपर पुलिस अधीक्षक ने सोशल मीडिया के माध्यम से परिचितों को किया आगाह
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। साइबर ठग पुलिस महकमे के वरिष्ठ अफसरों को ढाल बनाकर भी रकम मांग रहे हैं। ताजा मामला अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) से जुड़ा है। उनकी फेसबुक आई का क्लोन बनाकर परिचितों से साइबर ठगों ने रकम मांगी है। हालांकि मामले की जानकारी होते ही एएसपी ने क्लोन वाली आईडी को बंद करवा दिया।
अपराधी नित अपराध का नया तरीका ढूंढ रहे हैं। पहले तो साइबर ठग सामान्य व्यक्ति ठगी का शिकार बनाते थे, लेकिन अब पुलिस को ही ढाल बनाकर रुपये मांग रहे हैं। ऐसा ही मामला रविवार को सामने आया। जिले के अपर पुलिस अधीक्षक सुरेशचंद रावत की फेसबुक आईडी का साइबर ठगों ने क्लोन बना लिया। नई आईडी से मैसेंजर के जरिए उनके फेसबुक पेज से जुड़े कई लोगों से जरूरत बताते हुए रुपये की डिमांड की गई। परचितों ने उन्हें मामले की जानकारी दी तो सबसे पहले उन्होंने अपनी आईडी को बंद करवाया। इसके बाद फेसबुक के ही माध्यम से लोगों से अपील की कि उनकी फर्जी आईडी बनाकर साइबर ठग रुपये मांग रहे हैं। ऐसे में सतर्क रहें और पेटीएम आदि माध्यम से रुपये मांगें तो न दें। वरना ठगी का शिकार हो सकते हैं। एएसपी सुरेशचंद रावत ने बताया कि उनकी फेसबुक आईडी का साइबर ठगों क्लोन बना लिया है। उसे उन्होंने बंद करवा दिया है। साइबर ठगों से सावधान रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस प्रकार से अपराधियों से बचें
किसी अनजान व्यक्ति द्वारा फेसबुक पर भेजी गई फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें। अगर पूर्व के पहचान का कोई व्यक्ति रिक्वेस्ट भेजता है तो उसे जांच परख लें। इसके बाद ही उसे स्वीकार करें। अन्यथा साइबर ठग अपने जाल में फंसा सकते हैं। अगर कोई मैसेंजर के जरिए किसी की आईडी से रुपये मांग रहा है तो संबंधित व्यक्ति से बात करें और उसे जानकारी दें, जिससे कोई दूसरा ठगी का शिकार होने से बच सके। अगर स्वयं की आइडी क्लोन होती है तो उसे तत्काल बंद करवाएं।
---
दिलीप कुमार द्विवेदी सर्विलांस और साइबर के जानकार।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें