सिद्धार्थनगर। अगर भरोसेमंद मानकर गूगल से आप कस्टमर केयर का नंबर मांगने की आदत है तो इसे छोड़ दीजिए। क्योंकि साइबर ठग गूगल में भी घुसपैठ कर चुके हैं। गलती से उनका नंबर मिला तो आपका बैंक खाता खाली हो जाएगा। घबराएं नहीं है, यह सच है। एक सप्ताह के भीतर दो लोग ठगों का शिकार हो चुके हैं और तीन लाख रुपये गवांकर साइबर सेल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। ऐसे एक नहीं अनेक मामले आ रहे हैं। ऐसे में साइबर एक्सपर्ट सलाह दे रहे हैं कि गूगल से कस्टमर केयर या अन्य नंबर कदापि न मांगें, अगर मांगते हैं तो ठगी का शिकार होने से कोई बचा नहीं सकता है।
साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसमें बिना सामने आये अपराधी लोगों की जेब पर डांका डाल रहे हैं। कहीं लालच में आकर तो कहीं जानकारी के चक्कर में लोग अपनी गाढ़ी कमाई पल भर में गंवा दे रहे हैं। साइबर टीम एक अपराध का तोड़ निकालकर शिकंजा सकती है तो ठग दो कदम आगे बढ़कर नये अपराध को अंजाम देना शुरू कर देते हैं। जैसे पिछले कुछ दिनों से गूगल पर जानकारी मांगने वालों को ठग रहे हैं। इस बार गूगल से कस्टमर केयर का नंबर मांगने पर ठगों का ही नंबर मिल रहा है। जिसके जरिए वह लोगों को ठग रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि ठग विभिन्न कपंनियों का कस्टमर केयर आईडी बनाकर गूगल में फीड कर दे रहे हैं। ऐसे में कॉल करने में उन्हीं का नंबर आ जाता है। लगाते ही सामने वालों को अपना निशाना बना लेते हैं। अब गूगल से नंबर लेकर बात करना खतरे से खाली नहीं है। अगर ऐसा करते हैं तो ठगी का शिकार होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि वह लोगों को लगातार शिकार बन रहे हैं।
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मोबाइल हैक करके खाली कर दिया खाता
ठगी के शिकार मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के बभनी गांव निवासी हजारी प्रसाद ने बताया कि मुंबई में कारपेंटर का उनका बड़ा कारोबार चलता है। गूगल पे के जरिये ऑनलाइन लेनदेन लगातार करते हैं। एक सप्ताह पहले मोबाइल नंबर में एक अंक गड़बड़ होने से दूसरे खाते में 42 हजार रुपये चला गया। गूगल पे के कस्टमर केयर का नंबर मांगने के लिए गूगल पर सर्च किया तो कस्टमर केयर का नंबर मिला। पैसा कैसे वापस होगा इसकी शिकायत की। तो उसने मोबाइल पर एक लिंक दिया। उस पर क्लिक किया। इसके बाद एनी डेस्क डाउन लोड करने का ऑप्शन आया। क्लिक करते ही मोबाइल काम करना बंद कर दिया। 20 मिनट बाद शुरू हुआ तो तीन मैसेज आए और 1.30 लाख रुपये खाते से निकल चुका था। इसके बाद उसने खाते को बंद करवा दिया। साइबर सेल जांच कर रही है।
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रिचार्ज कराने के लिए मांगा नंबर खाली हो गया खाता
ढेबरुआ थाना क्षेत्र के स्थानीय निवासी महेश खेती किसानी करते हैं। उनके मुताबिक उनकी टीवी में रिचार्ज के बाद समस्या आ रही थी। जानकारी के लिए गूगल से संबंधित कंपनी का कस्टमर केयर नंबर मांगा। मिलने नंबर पर बात किया तो एक लिंक आया। जिसमें क्लिक करने के लिए कहा गया। उसपर क्लिक करने पर आधार कार्ड सहित कई जानकारी मांगी गई। भरकर सेंड कर दिया। इसके बाद नौ नंबर का मैसेज आया। उसके बताने के बाद एनी डेस्क डाउन लोड करने के लिए बताया गया। लिंक से उसे लोड किया तो मोबाइल काम बंद कर दिया। लगभग 20 मिनट बाद काम करना शुरू किया तो 1.35 लाख रुपये खाते से निकल चुके थे। इसके बाद महेश ने शिकायत दर्ज कराया है। साइबर टीम जांच कर रही है।
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बोले एक्सपर्ट
हर व्यक्ति के हाथ में स्मार्टफोन है। किसी भी जानकारी के लिए लोग गूगल पर सर्च करते हैं। लेकिन गूगल में अब साइबर ठग घुसपैठ कर चुके हैं। उनके ओर से सिस्टम में हूबहू किसी कंपनी के नाम कस्टमर केयर नंबर और डाल दिया जा रहा है। जैसे ही लोग सर्च कर रहे हैं। ठग का नंबर आ जा रहा है। बात करते ही उनके बताए हुए बात को कॉल करने वाले मा रहे हैं। और देखते ही देखते ठगी का शिकार हो जा रहे हैं। अब नया टे्रंड शुरू कर दिए हैं। कॉल करने पर एक लिंक भेज दे रहे हैं। जिस पर क्लिक करते ही नौ नंबर की ओटीपी आती है। डालते ही एनीडेस्क लोड हो जा रहा है। मोबाइल फोन वह चलाने लगते हैं। पूरा ओटीपी उनके नंबर पर जाता है। देखते ही देखते बैंक खाता खाली कर दे रहे हैं। इस प्रकार के मामले अधिक आ रहे हैं। ऐसे में जागरुकता जरूरी है। कस्टमर केयर नंबर के लिए कभी गूगल पर सर्च न करें।
-शिवम मौर्य, साइबर एक्सपर्ट, साइबर सेल सिद्धार्थनगर
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अगर साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं तो तत्काल दिए गए नंबर पर शिकायत करें या फिर नजदीक के थाने पर जाएं। वहां संबंधित थानाध्यक्ष से शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्द शिकायत करेंगे, रुपये की वापसी की संभावना उतनी अधिक रहती है। अधिकांश मामलों में टीम रुपये वापस करवा चुकी है।
-राजेश कुमार शुक्ल, प्रभारी साइबर सेल सिद्धार्थनगर