सिद्धार्थनगर। विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को
कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सांसद
डिंपल यादव को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
चेतावनी दी कि मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 27 जनवरी से आमरण अनशन पर बैठने को बाध्य होंगी।एनएच
अजनबी शिक्षा ग्राम विकास संस्थान के बैनर तले धरने में आशा संघ की
राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश नंदनी पांडेय ने कहा कि 23 मदों की रकम आशा
कार्यकर्ताओं को नहीं दी जा रही है।
इस बारे में पहले भी कई बार मांग की जा
चुकी है। केन्द्रीय कर्मचारी का दर्जा देने की मांग भी लंबित पड़ी हुई है।
लोटन ब्लाक अध्यक्ष विंदवासिनी ने कहा कि 24 घंटे आशा कार्यकर्ता सेवा दे
रही हैं, बावजूद उन्हें नाम मात्र का मानदेय मिल रहा है।
सत्यावती ने कहा
कि कोरे आश्वासन अब नहीं सहेंगे, आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। जोगिया ब्लाक
की सुंदरी ने कहा कि ब्लाक में पल्स पोलियो के तहत ड्यूटी पर 75 रुपये दिए
जा रहे हैं, जबकि जिले में 100 रुपये मिलते हैं।
महिला जागो हक मांगों
प्रकोष्ठ की सह प्रदेश अध्यक्ष कामनी ने कहा कि अगर लोकतांत्रिक रूप से
आंदोलन में फैसला नहीं हुआ तो आशा कार्यकर्ता आत्मदाह का कदम उठाने से भी
पीछे नहीं हटेंगी।
जिलाध्यक्ष शीला साहनी ने कहा कि मांगे पूरी होने तक
आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश महासचिव अमुननिशा ने कहा कि प्रदेश और केन्द्र
की सरकारें केवल घोषणाएं कर रही हैं, कोई योजना लागू नहीं होती।
धरना में
सुनीता, आरती, मंजू, कुसुम, मालती, नैनमती, यशोमती, बिंदुमती, निरुपमा,
सावित्री, सुनीता, जुबैदा, परवीन, गुडिय़ा, शांति, दीवान शाह, सावित्री,
गीता, रीना, सुभावती, कामनी, विजय लक्ष्मी, शीला, केतकी, कंचल, कमला, राधा,
रेनू, सुंदरी, विद्यावती, ज्ञानमति, सूर्यमती, श्यामा, गंगोत्री, सरस्वती,
निधि, सरिता, इंद्रावती आदि शामिल रहीं। अध्यक्षता शीला साहनी ने किया।