प्रतिमाह 18 हजार रुपये मानदेय की मांग कर रही आशाओं ने पल्स पोलियो के डोर-टू-डोर अभियान का भी बहिष्कार किया। नौगढ़ पीएचसी में बने वैक्सीन कक्ष पर ताला लगा दिया। आशाओं ने मांगों के समर्थन में नारे लगाए और शासन-प्रशासन को कोसा। सीएमओ कार्यालय परिसर में भी धरना जारी रहा।
आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले लामबंद आशाएं नौगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। वहां पीएचसी प्रभारी डॉ.प्रशांत मौर्य से ड्यूटी न लगाने का आग्रह किया। उनका कहना था कि संघ हड़ताल पर है, लिहाजा किसी भी आशा की ड्यूटी ही न लगाई जाए। बात न बनने पर आशाओं ने वैक्सीन कक्ष पर ही ताला लगा दिया। नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि अगर विभाग ने जबरन काम कराने की कोशिश की कड़ा प्रतिरोध झेलना पड़ेगा। तालाबंदी करने वालों में पुष्पा सिंह, रानी सिंह, संगीता यादव, दीपलली, लक्ष्मी अग्रहरि, प्रतिभा यादव, कुसुम जायसवाल, सत्यभामा मिश्रा, शशिप्रभा गिरी, प्रेमलता दुबे, पूजा चौरसिया, सरोज आदि शामिल रहीं। उधर, सीएमओ कार्यालय परिसर में धरने पर डटीं आशाओं ने प्रशिक्षण देकर एएनएम के पद पर तैनाती, दो लाख का निशुल्क बीमा, राज्य कर्मचारी का दर्जा सहित अन्य मांगों के समर्थन में नारे लगाए। धरने में अध्यक्ष सुशीला जायसवाल, नीलम यादव, राजश्री, रिंकी वर्मा, सुनीता वर्मा, शशिप्रभा, कोकिला पांडेय, पूजा, अनीता वर्मा आदि मौजूद रहीं।
ड्यूटी करने पर विजयलक्ष्मी संघ से निष्कासित
संगठन से बगावत कर पल्स पोलियो की ड्यूटी करने वाली विजयलक्ष्मी सिंह को आशा वेलफेयर एसोसिएशन से निष्कासित कर दिया गया है। एसोसिएशन की मंत्री पुष्पा सिंह, रानी सिंह ने बताया कि संघ सभी आशाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। संघ के निर्देश को दरकिनार कर पल्स पोलियो की ड्यूटी करना अनुशासनहीनता है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनुशासनहीनता के चलते उन्हें तीन वर्षों के लिए संघ से निष्कासित किया गया है।