शहर में किराये की रेट लिस्ट नहीं होने के कारण करते हैं मनमानी, न स्टैंड बना और न ही रूट तय है
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रक्षाबंधन के मौके पर शहर में बुधवार को सवारियों की संख्या बढ़ी तो कुछ ऑटो चालकों ने इसका फायदा उठाते हुए किराया बढ़ा दिया। किराये लेकर यात्रियों से दिनभर नोकझोंक भी हुई, लेकिन महिलाओं की मजबूरी के कारण मनमानी किराये की वसूली होती रही। ऐसा इसलिए हुआ कि शहर में ऑटो का किराया निर्धारित नहीं है।
शहर की सड़कों पर जब भी सवारियों की संख्या बढ़ती हैं तो ऑटो चालक किराया अधिक वसूलते हैं। शहर में ऑटो स्टैंड नहीं है। ऑटो का रूट तय नहीं है, जबकि निर्धारित दूरी का किराया भी तय नहीं है। शहर में बुधवार सुबह से ही यात्रियों की संख्या अधिक रही, जबकि रेलवे स्टेशन व रोडवेज स्टेशन पर यात्री उतरे तो उन्हें पहुंचाने में भी किराया वसूलने में मनमानी हुई।
ऐसा बढ़ा दिया किराया
हाइडिल तिराहे से रेलवे स्टेशन तक सामान्य किराया 10 रुपये है, जिसे 20 रुपये वसूला गया। इसी प्रकार बांसी तिराहे से साड़ी तिराहे तक 10 रुपये के किराया के बजाय 15 रुपये किराया लिया गया। हाइडिल तिराहे सनई तक 10 रुपये किराया है, जिसके लिए 20 रुपये लिया गया।
इस प्रकार हुई मनमानी
रोडवेज स्टेशन पर शिवकुमार ने बताया कि उन्हें तीन किमी दूर बड़गो जाना था, तो ऑटो बुक करना पड़ा और उन्होंने 100 रुपये किराया देना पड़ा। अभिनव मिश्रा ने बताया कि बेलहिया से सिद्धार्थ तिराहे तक उन्होंने 20 रुपये किराया दिया, ऑटो चालक इससे कम लेने का तैयार नहीं था। रामविलास ने बताया कि जोगिया तक जाने के लिए 30 रुपये किराया देना पड़ा, जबकि सामान्य दिनों में बांसी तक का किराया 30 रुपये है।
वर्जन
शहर में ऑटो स्टैंड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बांसी तिराहे के पास ऑटो स्टैंड बनाने के लिए जमीन मिली है। उसके बाद रूट तय होंगे और ऑटो एसोसिएशन के साथ बैठक करके किराये की रेट लिस्ट तय की जाएगी।
मुकेश कुमार चौधरी, ईओ नगर पालिका
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शहर की परिवहन व्यवस्था सुधारने का प्रयास शुरू किया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर ऑटो स्टैंड बनाने की शुरूआत की गई है। जमीन से पानी हटते ही स्टैंड बनाकर किराया निर्धारित की जाएगी।
डॉ. ललित कुमार मिश्रा, एसडीएम
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