दर्शन पूजन के लिए गालापुर महाकाली स्थान पर लगा पहले ही दिन श्रद्धालुओं का तांता
संवाद न्यूज़ एजेंसी
डुमरियागंज। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में शारदीय नवरात्र के शुरू होते ही पूरा वातावरण श्रद्धामय और देवीमय हो गया है। पहले दिन बृहस्पतिवार को घरों, मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की गई। वहीं, डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में स्थित वटवासिनी महाकाली स्थान गालापुर, समय माता स्थान बलुआ बढ़नीचाफा में दर्शन पूजन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
देवी स्थान पर पूजन-अर्चन और घंटा घड़ियाल की आवाज से हर तरफ भक्ति का माहौल बना रहा। मां के जयकारे से गालापुर महाकाली स्थान सहित सभी मंदिर गूंजते रहे। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम गालापुर स्थित वटवासिनी महाकाली का स्थान आस्था और शक्ति का प्रमुख केंद्र बन चुका है। पूर्वांचल के सबसे पुराने शक्ति पीठों में से एक यह स्थान दूर-दूराज क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। ऐसी मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से मांगी गईं मुरादें अवश्य पूरी होती हैं। मंदिर के पुजारी पं. प्रशांत मिश्र और व्यवस्थापक ठाकुर प्रसाद मिश्रा ने बताया कि यह स्थान 2000 वर्ष पुराना है।
कलहंस वंश के राजा केसरी सिंह ने अपनी कुलदेवी माता को गोंडा के खोरहंस जंगल से अपने कुल पुरोहितों द्वारा आह्वान कर यहां मां के मंदिर को स्थापित कराया था। यहां पर माथा टेकने वाले हर भक्तों की महाकाली सभी की मनोकामनाएं पूरी करती हैं। शारदीय नवरात्र और चैत्र नवरात्र में पूर्वांचल ही नहीं पूरे प्रदेश और पड़ोसी जनपद नेपाल से भी काफी संख्या में श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए आते हैं।
नवरात्र के पहले दिन गालापुर सहित सभी मंदिरों में रही भीड़
शारदीय नवरात्र के पहले दिन बृहस्पतिवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देवी स्थान पर उमड़ी। श्रद्धालुओं ने मंदिर पर पहुंचकर और दर्शन पूजन किया। यहां पर भजन-कीर्तन के बीच पूजा-अर्चना का दौरा चलता रहा। मंदिर के पुजारी के मुताबिक पूरे नवरात्र यहां भक्तों की भीड़ पूजा-अर्चना के लिए आएगी, पूरे नवरात्र यही सिलसिला बना रहेगा। श्रद्धालुओं में ओम प्रकाश श्रीवास्तव, अजीत अग्रहरि, संदीप, सुनील कुमार, राहुल, अमित, यशवंत, शत्रुघ्न, राजेश, आदि ने बताया कि नवरात्र में मंदिर के दर्शन पूजन के लिए आते हैं। महाकाली सच्ची श्रद्धा भक्ति से आने वाले सभी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी करती हैं।