सिद्धार्थनगर। मौसम के तेवर लगातार सख्त होते जा रहे हैं। इससे बचने के लिए लोग एसी और कूलर का सहारा ले रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की खपत भी बढ़ने लगी है। आम दिनों में होने वाली 115-120 मेगावॉट बिजली खपत का आंकड़ा अब बढ़ने लगा है। मांग ज्यादा और सप्लाई कम होने से इस बार भी लोगों को झुलसाती हुई गर्मी में बिजली रुलाएगी। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछली बार आम दिनों के मुकाबले 25 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली की जरूरत पड़ी थी। इसकी वजह से लोगों को कटौती का दंश झेलना पड़ा था। इस बार भी गर्मी बढ़ने के साथ कटौती का सिलसिला शुरू हो गया है जो आगे और ज्यादा हो सकता है। हालांकि, बिजली विभाग दावा कर रहा है कि बिजली की समस्या से निपटने के लिए 35 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली की मांग को लेकर पत्राचार किया है, जिससे लोगों को कटौती का दंश न झेलना पड़े।
गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की खपत भी बढ़ रही है। मौसम विभाग ने 50 डिग्री तक तापमान पहुंचने की अनुमान जताया है। ऐसे में गर्मी से निजात पाने के लिए बिजली की खपत ज्यादा होने की आशंका को देखते हुए बिजली विभाग ने तैयारी पहले से ही शुरू कर दी। बिजली की मारामारी होना तय है। ऐसे में बिजली की किल्लत और शिकायतों से निपटने के लिए निगम पर पहले से ही अलर्ट हो गया है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक मई से जुलाई तक 25-35 प्रतिशत बिजली की खपत बढ़ जाती है।
ऐसे में जहां सामान्य समय में 115 से 120 मेगावाट बिजली की जनपद में खपत होती है, वह बढ़कर 145-150 मेगावॉट तक पहुंच जाएकी। ऐसे में मांग और आपूर्ति के आंकड़े को बराबर करने के लिए लोड शेडिंग की जाएगी। इससे कई घंटे तक बिजली बाधित रहेगी। कटौती की स्थिति से निपटने के लिए निगम 30-35 मेगावाॅट अतिरिक्त बिजली की खरीद करेगा।
पिछले कई सालों से लगातार तापमान में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। गर्मी से निजात पाने के लिए लोग पंखा के अलावा कूलर और एसी आदि का प्रयोग करने लगे हैं।
इससे बिजली की खपत बढ़ जा रही है। बिजली की खपत बढ़ने के बाद बिजली निगम शहर से लेकर देहात से तक बिजली की कटौती करता है। कई घंटों की कटौती से उपभोक्ता हो-हल्ला और बवाल भी करते हैं। हर दिन डिमांड के मुताबिक अतिरिक्त बिजली खरीद कर आपूर्ति करने की तैयारी की गई है।
बीते वर्ष खपत का आंकड़ा 145-150 मेगावॉट तक पहुंच गया था। इस बार तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचने का अनुमान है, जिससे आंकड़ा 150-155 मेगावाट तक पहुंच सकता है। इस आशंका को देखते हुए बिजली विभाग ट्रांसफाॅर्मर, तार टूटने और जलने पर तत्काल व्यवस्था करके बहाल करने की तैयारी कर चुका है। वहीं मांग के अनुरूप सप्लाई हो सके, इसके लिए अतिरिक्त बिजली खरीदने के लिए पत्राचार भी किया गया है।
इसलिए लगातार बढ़ रही बिजली की मांग : पिछले कुछ तीन से चार साल के बीच बिजली की उपभोग बढ़ने के पीछे जानकारों का कहना है कि इलेक्ट्राॅनिक से जुड़ी सुविधाएं हैं, वह शहर की तुलना में ग्रामीण क्षेत्र में कम थीं। लेकिन हर घर बिजली कनेक्शन होने से उपयोग बढ़ा है।
साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कूलर, एसी का प्रयोग बढ़ा है। यही वजह है कि गर्मी में बिजली की डिमांड बढ़ जाती है। यही वजह है कि वर्ष 2022 में 130-135 मेगावाॅट, 2023 में 135-140 मेगा वॉट और 2024 में 140-150 मेगावॉट तक खपत हुई थी।
जिले में हैं इतने बिजली उपभोक्ता : आकड़ों पर गौर करें तो जनपद में कुल 3.50 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। इसमें तकरीबन डेढ़ लाख के करीब शहरी क्षेत्र उपभोक्ता हैं। वहीं, गांव की बात करें तो तकरीबन दो लाख उपभोक्ता हैं जो बिजली का उपयोग कर रहे हैं। इसमें नौगढ़ के अलावा बांसी, शोहरतगढ़, डुमरियागंज और इटवा तहसील मुख्यालय शामिल है।