सिद्धार्थनगर। वित्तीय सत्र 2017-18 के लिए जिला योजना ने 361.43 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। प्रभारी मंत्री चेतन चौहान की अध्यक्षता में जिला योजना बोर्ड ने विभिन्न विभागों के विकास प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। सर्वाधिक 183 करोड़ रुपये मनरेगा में मंजूर हुए हैं। पंचायती राज विभाग के 59 करोड़, पीडब्लूडी के 10 और लघु सिंचाई विभाग के साढ़े 10 करोड़ के प्रस्ताव मंजूर हुए हैं। जिला योजना का कुल परिव्यय गत वर्ष के सापेक्ष 1.76 करोड़ रुपये कम है। वित्तीय सत्र 2016-17 में कुल 369.19 करोड़ रुपये के प्रस्ताव स्वीकृत हुए थे।
अंबेडकर सभागार में दोपहर सवा 12 बजे से शुरू हुई जिला योजना बोर्ड की बैठक चार घंटे तक चली। प्रभारी मंत्री ने एक-एक सभी विभागों की कार्ययोजनाओं के बारे में जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों से विभागीय योजनाओं की प्रगति भी जानी। उद्यान, सहकारिता, मत्स्य, प्रादेशिक विकास दल सहित कई विभागों की ओर से कोई प्रस्ताव न देने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. बीके गोयल जिले के किसानों का कुल गन्ना भुगतान की स्थिति की सही जानकारी नहीं दे सके। उनके पास बभनान चीनी मिल से संबंधित किसानों की कोई जानकारी नहीं थी। दलील थी कि यह समितियां बस्ती जिले में पंजीकृत हैं। नाराज मंत्री ने कहा कि गन्ना बेचने वाले किसान इसी जिले के हैं, लिहाजा उनके उत्पादन व भुगतान के बारे में जानकारी होनी चाहिए। कड़ी हिदायत दी कि यह पहली बैठक है। आगे से अफसर पूरी जानकारी के साथ बैठक में आएं।
हर अधिकारी के पास विभाग से संबंधित पूरा ब्योरा होना चाहिए। वन विभाग की ओर से डुमरियागंज में 35 एकड़ भूमि पर एक पूर्व विधायक को गलत ढंग पट्टा करने व पेड़ों की अवैध कटान पर अंकुश न लगने पर विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने नाराजगी जताई। पीडब्लूडी को 15 जून की डेडलाइन याद दिलाते हुए कहा कि हर हाल में सड़कों को गड्ढामुक्त करने को कहा। बेसिक शिक्षा विभाग को सभी स्कूलों में विद्युतीकरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। सीएमओ को जिले में मौजूद चिकित्सकों का रोस्टर बनाकर सभी अस्पतालों पर ड्यूटी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह, सांसद जगदंबिका पाल, विधायक चौधरी अमर सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. सतीश द्विवेदी, श्यामधनी राही, एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि अफसर रिजवी, जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू, सीडीओ अनिल कुमार मिश्र सहित सभी विभागीय अफसर मौजूद रहे।