सिद्धार्थनगर। बरसात के मौसम में वायरस, बैक्टीरिया और फंगस सभी सक्रिय हो गए हैं। इस मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही होने पर तबीयत बिगड़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे मौसम में लोगों को कोरोना काल की तरह सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। मास्क लगाने और हाथ धुलने की आदत अपना ली जाए तो वायरल बुखार की चपेट में आने की आशंका कम होगी।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज सहित निजी अस्पतालों की ओपीडी में भी वायर बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार से लोग बीमार हो रहे हैं,जबकि बच्चों ने टांसिल बढ़ जाने की समस्या आ रही है। साइनस के पुराने मरीजों की समस्या भी बढ़ रही है। जबसे बारिश शुरू हुई है, उसके बाद ओपीडी में 35 से 40 प्रतिशत वायरल फीवर के कारण ही लोग बीमार हैं।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रो. डॉ. जीतेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि वायरल बुखार एक दूसरे के संपर्क में आने से होता है। इस कारण जिसे वायरल बुखार हो, उसे कोशिश करनी चाहिए कि खुद को आइसोलेट कर लें।
ठंडा पानी और एसी से बढ़ रही तकलीफ
सिद्धार्थनगर। शहर की डॉ. निखिता द्विवेदी के अनुसार बरसात के मौसम में तापमान में उतार चढ़ाव हो रहा है। इस कारण लोगों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है। ऐसे सीजन में वायरल बुखार के साथ पुरानी बीमारियां भी उभर रही हैं।
चश्मा लगाएं तो बचे रहेंगे आई फ्लू से
सिद्धार्थनगर। बरसात में लोग आई फ्लू की चपेट में आ रहे हैं। इससे बचाव के लोग चश्मा लगा रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि आई फ्लू से बचाव के लिए सभी को चश्मा लगाने की आवश्यकता है। यह वायरस छूने से फैलता है, मरीज की आंख को देखने से कोई संक्रमण नहीं होता है।