संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान भनक लगते ही पुलिस ने पकड़ा
बीडीओ डुमरियागंज पर बकाया भुगतान न करने और दुर्व्यवहार का लगाया आरोप
डीएम ने पूरे मामले की जांच के लिए सीडीओ को दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में आत्मदाह करने पहुंची समूह संचालिका को पुलिस ने पकड़ लिया। इसके बाद उसे डीएम के समक्ष पेश किया गया। डीएम ने समूह संचालिका का शिकायती पत्र लेकर सीडीओ को जांच करने के निर्देश दिए।
तहसील क्षेत्र के ग्राम मिश्रौलिया माफी के टोला एकघरवा की रहने वाली समूह संचालिका के आत्मदाह करने की भनक प्रशासन को पहले ही लग गई थी। उसके प्रवेश करते ही पथरा थानाध्यक्ष मीरा चौहान ने पकड़ लिया। संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे डीएम पवन अग्रवाल को शिकायती पत्र देने आई महिला गीता देवी ने बताया कि वह धारा प्रेरणा स्तरीय, संघ नाम से समूह चलाती हैं। समूह के जरिए वह ग्राम पंचायत मिश्रौलिया के टोला एकघरवा में पौधे की नर्सरी तैयार कराती हैं। इन पौधों को ग्राम प्रधानों को दिया जाता है।
समूह संचालिका गीता ने बताया कि नर्सरी से गए पौधों के एवज में उनके समूह को दो लाख 45 हजार रुपये का भुगतान बीडीओ डुमरियागंज की ओर से किया जाना है। बकाया धनराशि के लिए वह डेढ़ साल से बीडीओ कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं। लेकिन उन्हें कोई न कोई बहाना बनाकर टरका दिया जाता है।
गीता देवी ने आरोप लगाया कि बीडीओ ने बकाया भुगतान के लिए 20 फीसदी कमीशन की मांग की थी। बकाया भुगतान के लिए बीडीओ के आवास पर गईं तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। साथ ही समूह के अध्यक्ष पद से हटाने की धमकी दी गई। पीड़ित महिला ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच और बकाया भुगतान कराने की मांग डीएम से की।
डीएम पवन कुमार अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद महिला का आक्रोश शांत हुआ। डीएम ने सीडीओ जयेंद्र कुमार को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट करने के लिए निर्देशित किया और भरोसा दिलाया। इस मामले में गीता देवी ने दो नवंबर को भी डीएम पवन अग्रवाल से मुलाकात करके शिकायती पत्र सौंपा था। इसमें डीएम ने सीडीओ को जांच सौंपी है।
आमने-सामने
स्वयं सहायता समूह से बीडीओ डुमरियागंज ने 2.45 लाख रुपये के पौधे लिए थे। पौधे की रकम जब मांगी तो बीडीओ ने देने से इन्कार कर दिया। इस भुगतान के लिए डेढ़ साल से भटक रही हूं। पूर्व डीएम संजीव रंजन को भी शिकायती पत्र सौंपा था, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
-गीता देवी, समूह संचालिका
योजना के अंतर्गत वन विभाग से पौधे मुफ्त में दिए जाते हैं तो पौधे क्यों खरीदे गए? महिला का आरोप निराधार है। भुगतान के लिए कमीशन की मांग नहीं की गई थी।
-अमित कुमार, बीडीओ डुमरियागंज