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सिद्धार्थनगर का हाल: शहर और कस्बे में हमलावर हो रहे छुट्टा पशु, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

Sat, 20 Aug 2022 12:21 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।

सार

एक वर्ष के अंदर बांसी-इटवा मार्ग, डुमरियागंज-इटवा मार्ग और बांसी-डुमरियागंज मार्ग पर छुट्टा पशुओं के कारण कई हादसे हो चुके हैं। इनमें एक युवा चिकित्सक और एक प्रधान प्रतिनिधि की जान जा चुकी है। बीते दिनों इटवा- ढेबरूआ मार्ग पर कार सवार की छुट्टा पशु बचाने के चक्कर में मौत हो गई।
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शहर से शोहरतगढ़ मार्ग पर सड़क के बीच में बैठे छुट्टा पशु। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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विस्तार
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सिद्धार्थनगर शहर और कस्बे में छुट्टा पशु हमलावर हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सांड के हमले से अब तक दो बुजुर्गों की मौत हो चुकी है। वहीं, कई लोग घायल हो चुके हैं। छुट्टा पशु फसलें भी चर जा रहे हैं।

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गांव के खेत, शहर के चौराहों, कस्बों व गांवों की सड़कों पर ढेरा जमाए छुट्टा पशु कई स्थानों पर हमलावर हो रहे हैं। उसका क्षेत्र के गंगाधरपुर गांव में दो जून को घर के सामने सब्जी की रखवाली कर रहे रणविजय सिंह (65) पर सांड ने हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। एक माह के इलाज के बाद उनकी जान नहीं बच पाई।

त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के चंदन जोत गांव निवासी रामहेत चौरसिया (80) बृहस्पतिवार को सुबह गांव के पूरब स्थित बंधे पर गए थे। इसी दौरान सांड़ ने पीछे से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में रामहेत की मौत हो गई। गांव के लोगों का कहना है कि सांड के हमले से यहां छह लोग घायल हो चुके हैं।
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एक सप्ताह पहले शहर में हायडिल तिराहे के पास बाइक सवार धर्मेश (28) के सामने अचानक छुट्टा पशु आ गया, जिससे टकराकर वह सड़क पर गिरकर घायल हो गए। इसी तरह जोगिया क्षेत्र में एक बाइक सवार युवक छुट्टा पशु के सामने आने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका अभी इलाज चल रहा है।

 

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जोगिया में घायल हुआ युवक
जोगिया कस्बे में तीन पहले रात में छुट्टा पशुओं के कारण बाइक सवार गिर गया। उसके सिर में चोट आई और अस्पताल में भर्ती कराय गया। उसने हेलमेट लगाया था, इस कारण स्थिति गंभीर नहीं हुई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में छुट्टा पशुओं के प्रति आक्रोश है।

इटवा व डुमरियागंज में हो चुके हैं हादसे
एक वर्ष के अंदर बांसी-इटवा मार्ग, डुमरियागंज-इटवा मार्ग और बांसी-डुमरियागंज मार्ग पर छुट्टा पशुओं के कारण कई हादसे हो चुके हैं। इनमें एक युवा चिकित्सक और एक प्रधान प्रतिनिधि की जान जा चुकी है। बीते दिनों इटवा- ढेबरूआ मार्ग पर कार सवार की छुट्टा पशु बचाने के चक्कर में मौत हो गई।

छुट्टा पशुओं को गोशाला में रखने का निर्देश दिया गया है, जल्द ही कुछ और गोशाला स्थापित कर छुट्टा पशुओं को संरक्षित करने का कार्य किया जाएगा, जिससे शहर समेत जिले में छुट्टा पशुओं की समस्या से निजात मिल जाएगी। - संजीव रंजन, डीएम
 
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