बांसी। खलीलाबाद से बहराइच नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए मिट्टी पटाई का काम छितौना गांव के किसानों ने शुक्रवार को रुकवा दिया। आरोप है कि अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। मुआवजा देने के बाद मिट्टी पटाई आदि कार्य किया जाए।
विवाद की सूचना पर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार महबूब आलम ने किसानों और ठेकेदार की समस्याएं सुनीं। जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला है, उनके खेत में मिट्टी पटाई का कार्य रोकने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद बाकी स्थलों पर पटाई दुबारा शुरू हो गई।
बताते चले कि छितौना गांव के किसान श्रीराम उर्फ मूसे, रामरूप यादव सहित कई किसानों का कहना है कि खलीलाबाद से बहराइच को जाने वाली नई रेलवे लाइन के लिए उनके खेत का अधिग्रहण किया गया है लेकिन, अभी तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला है, इसकी शिकायत इन लोगों ने कुछ दिन पूर्व जिलाधिकारी से की है। आरोप है कि इसके बावजूद श्रीराम उर्फ मूसे के खेत में बिना मुआवजा मिले ही ठेकेदार ने मिट्टी गिरा दी थी, सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे किसानों ने काम को रोक दिया।
इसके बाद ठेकेदार ने एसडीएम निखिल चक्रवर्ती को सूचना दी कि गांव के लोग मिट्टी पटाई का काम नहीं करने दे रहे हैं और खेत से वाहन भी नहीं जाने दे रहे हैं। इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार महबूब आलम, राजस्व निरीक्षक बीके दुबे क्षेत्र के लेखपाल और पुलिस बल को मौके पर भेजा।
नायब तहसीलदार महबूब आलम ने बताया कि जिन किसानों को अभी मुआवजा नहीं मिला है, उनके खेत में मिट्टी पटाई न किए जाने को कहा गया है। साथ ही किसानों से कहा गया है कि खेत कट चुका है। रेलवे ट्रैक की मिट्टी पटाई के लिए जाने वाले वाहनों का रास्ता न रोका जाए। बिना मुआवजा मिले खेत में गिरे मिट्टी को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। मिट्टी पटाई का कार्य चालू हो गया।