सिद्धार्थनगर। पंद्रह सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। नगर में जुलूस निकालकर मांगों के समर्थन में नारे लगाए। चेतावनी दी कि अगर शासन-प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता तो यह संघर्ष जारी रहेगा।
कलेक्ट्रेट परिसर से शुरू हुआ जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरा। इस दौरान कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने मानदेय में वृद्धि और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया। कलेक्ट्रेट में धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष प्रभावती देवी ने कहा कि अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने के बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका उपेक्षा की शिकार हैं। उन्हें न तो राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जा रहा है और न ही न्यूनतम मानदेय।
बार-बार आश्वासन देकर चुप्पी साधने की प्रवृत्ति से जिम्मेदार बाज आएं। अब आंगनबाड़ी कर्मचारी आर या पार के संघर्ष के लिए संकल्पित हैं। सरकार को यह तय करना होगा कि वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अधिकार देगी या फिर त्याग पत्र। उन्होंने मानदेय में वृद्धि, राज्य कर्मचारी घोषित करने, पेंशन, हर साल 15 दिनों का चिकित्सकीय अवकाश, वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिए जाने की मांग को प्रमुखता से रखा।
धरना-प्रदर्शन में कलावती, बिंद्रावती पांडेय, अनीता, माला, इंद्रावती, ऊषा, रेखा, गायत्री, निर्मला, सरस्वती, प्रमिला, राजपती, नीलम, भारती, किरन श्रीवास्तव, ज्ञानमती, सत्यरुपा श्रीवास्तव, वंदना, विनीता राव, शकुंतला सिंह, निशा मौर्या, मंजू पांडेय, रागनी, मिथिलेश चौबे, तीजा यादव, संध्या सिंह, मंजू, वंदना, संगीता, प्रमिला, सोनी, रीता, इंदू, रोहिणी देवी, पूनम, विद्यावती देवी, मीना देवी, मिथलेश, लक्ष्मी देवी, निर्मला देवी, चंद्रावती देवी, प्रमिला देवी, कुसुम आदि शामिल रहीं।