त्रिलोकपुर थाने के मल्हवार गांव निवासी एक महिला ने मंगलवार दोपहर साड़ी के फंदे से लटक कर जान दे दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका आंगनबाड़ी में सहायिका पद पर कार्यरत थी। जानकारी के मुताबिक, त्रिलोकपुर थाने के मल्हवार गांव निवासी मुरलीधर की तीन पुत्रियां थीं।
तीनों बहनों की शादी तीन सगे भाइयों के साथ खेसरहा थाने के ग्राम बसखोरिया में हुई थी। तीनों बहनों में दूसरे नंबर की रुक्मणी मिश्र (42) विकास खंड इटवा में आंगनबाड़ी में सहायिका के पद पर कार्यरत थी। मंगलवार को वह भदोखर गांव से ड्यूटी करके आयी और विद्यालय से लौटे दोनों बच्चों को खाना खिलाकर बाहर घूमने के लिए भेज दिया।
उसके बाद दरवाजा बंद कर कमरे में लगे पंखे में साड़ी के फंदे के सहारे लटककर जान दे दी। बच्चों ने लौटने के बाद दरवाजा खोलने के लिए आवाज दी। दरवाजा न खुलता देख बच्चे दरवाजा पीटने लगे। शोर सुनकर पहुंचे आसपास के लोगों ने दरवाजा खुलवाया तो अंदर महिला फंदे से लटक रही थी। लोगों ने इसकी सूचना 112 व महिला के ससुराल वालों को दी।
फोरेंसिक टीम ने भी घटना स्थल की जांच की व सीओ डुमरियागंज सतीश चंद्र पांडेय ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया। सूचना पर चेयरमैन विकास जायसवाल ने परिजनों को ढांढस बंधाया। इस संबंध में एसओ त्रिलोकपुर विजय शंकर सिंह ने बताया कि लाश को पीएम के लिए भेज दिया गया है।
महिला की मौत की घटना से लोग स्तब्ध
नगर पंचायत इटवा के ग्राम मल्हवार निवासी मुरलीधर मिश्र की केवल तीन बेटियां थीं। उन्होंने तीनों बेटियों की शादी एक ही घर में तीन सगे भाइयों में कर रखी थी। जहां तीनों बहनें एक साथ रहती थी। केवल विकास खण्ड इटवा में आंगनबाड़ी में सहायिका पद पर होने के चलते दूसरे नंबर की बहन रुक्मिणी मल्हवार गांव में बच्चों के साथ रहती थी।
रविवार को ससुराल से वह दोनों बच्चों के साथ मल्हवार गांव अकेली आयी थी। पति व मां ससुराल में ही थे। सोमवार को उसने गांव की महिलाओं के साथ पूजा अर्चना में भी खुशी मन से भाग लिया था। मंगलवार को उसने आदित्य (10) व अर्पित (12) को खिलाकर विद्यालय भेज दिया और स्वयं भदोखर गांव में ड्यूटी करने नहीं गई। बहरहाल गांव वाले मृतका की इस मौत से हतप्रभ हैं।