छठ पूजा के लिए सफाई के दौरान रविवार को पुरानी नौगढ़ बाजार के जमुआर नाले से भगवान बुद्ध की प्राचीन प्रतिमा बरामद हुई है। करीब दो फीट ऊंची प्रतिमा धातु निर्मित है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि धातु कौन सा है। प्रतिमा का दायां हाथ टूटा हुआ है। प्रशासन ने इसे कब्जे में ले लिया है। इसे जांच के लिए पुरातत्व विभाग की लखनऊ प्रयोगशाला भेजने की तैयारी है।
प्राचीन प्रतिमा नाले तक कैसे पहुंची, इसे लेकर लोगों में चर्चाएं बनी हुई हैं।
नए और पुराने नौगढ़ बाजार को जोड़ने वाले जमुआर नाले पर निर्मित पुल के नीचे नगर पालिका प्रशासन छठ पूजा के लिए साफ-सफाई करा रहा है।
रविवार को जेसीबी से नाले के अंदर का मिट्टी-कचरा बाहर निकाला जा रहा था। इसी दौरान जमीन से दो फीट नीचे धंसी हुई प्रतिमा सफाईकर्मियों के हाथ लगी। बाहर निकाला गया तो प्रतिमा भगवान बुद्ध की थी। पहले उसे मिट्टी का समझकर तोड़ने की कोशिश की गई लेकिन धातु निर्मित होने के कारण कर्मचारी ठिठक गए।
मौके पर पहुंचे चेयरमैन जमील सिद्दीकी ने सूचना पुलिस को दी। सदर थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र ने वहां पहुंचकर प्रतिमा को कब्जे में ले लिया। पुलिस के मुताबिक प्रतिमा को जांच के लिए पुरातत्व विभाग की प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि प्रतिमा कितनी पुरानी और किस धातु से निर्मित है।
इसकी कीमत का अंदाजा भी तभी लगाया जा सकेगा।