शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से दावेदारी पेश अमर सिंह चौधरी का बसपा ने पहले प्रभार छिना और अब पार्टी से भी निष्कासित कर दिया है। उन पर अनुशासनहीनता का आरोप है। उनके साथ ही शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र इकाई को भी भंग कर दिया गया है। जल्द ही यहां नई कमेटी का गठन होगा। इस कार्रवाई को पिछले दिनों शोहरतगढ़ में जोनल व मंडल कोओर्डिनेटर की बैठक में हुए हंगामे का असर बताया जा रहा है।
बसपा ने करीब दो साल पहले अमर सिंह चौधरी को शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया था। इसी हैसियत से वह क्षेत्र में सक्रिय रहे। करीब एक माह पहले सियासी समीकरणों में अचानक हुए बदलाव के बीच पार्टी ने अमर सिंह का प्रभार छीन लिया था।
इसे लेकर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी भी जाहिर की थी। पिछले सप्ताह शोहरतगढ़ में मंडल कोआर्डिनेटर की बैठक में कार्यकर्ताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। जिलाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों पर बाहरी प्रत्याशी थोपने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी भी की थी। इसके बाद से ही पार्टी के अंदरखाने में उथल-पुथल मची हुई थी।
इसी बीच रविवार को अमर सिंह चौधरी के निष्कासन का निर्देश आ गया। जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र गौतम के मुताबिक अमर सिंह चौधरी पार्टी के नियमों के विपरीत लगातार काम कर रहे थे। अनुशासनहीनता के चलते नेतृत्व के निर्देश पर यह निष्कासन किया गया है।
उन्होंने बताया कि शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र कमेटी भी भंग कर दी गई है, जल्द ही नई कमेटी गठित की जाएगी। उधर, अमर सिंह चौधरी का कहना था कि हम बसपा के सिपाही हैं। बसपा दिलो-दिमाग में बसी है। निष्कासन के बावजूद पार्टी के सिपाही के रूप में पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे।