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Siddharthnagar News: बढ़ता विस्फोट का दायरा तो हो जाती बड़ी अनहोनी

Sat, 04 Nov 2023 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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अलीगढ़वा कस्बे की इसी दुकान से बरामद किए गए पटाखे। संवाद
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फोटो- है
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गुड्डू की जिस दुकान से पकड़ी गई पटाखे की खेप, बगल मेें पढ़ते हैं 500 से अधिक बच्चे

दुकान के पास ही चलता है गाैतम बाल बुद्ध विद्यामंदिर स्कूल

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के अलीगढ़वा कस्बे में जिस दुकान से विस्फोटक पटाखे की खेप पकड़ी गई है। उसी के पास कक्षा आठवीं तक गौतम बाल बुद्ध विद्यामंदिर स्कूल संचालित होता है। यहां तकरीबन 500 बच्चे नियमित पढ़ने के लिए आते हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहींं होगा कि अगर विस्फोट का दायरा बढ़ता तो अनहोनी हो सकती थी। यह सुरक्षा में बड़ी चूक है।

बृहस्पतिवार की रात पुलिस ने अलीगढ़वा कस्बे की कई दुकानों में छापा मारा। इसमेें एक दुकान से 29 बोरी विस्फोटक पटाखे पकड़े गए हैं। यह दुकान धमाके वाले स्थान से तकरीबन 20 मीटर की दूरी पर स्थित है। दुकान से चंद कदम की दूरी पर ही गौतम बाल बुद्ध विद्यामंदिर विद्यालय चलता है। यह कक्षा आठवीं तक है। यहां 500 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं।
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यहां पटाखे की खेप के पकड़े जाने के बाद लोग चर्चा कर रहे हैं कि अगर विस्फोट का दायरा बढ़ता तो यह दुकान भी उसकी जद में आ जाती। अगर इस दुकान में विस्फोट शुरू होता तो स्कूल भी चपेट में आ सकता था।
पहले होती कार्रवाई तो पकड़ी जाती बड़ी खेप

पटाखे पकड़े जाने के बाद अलीगढ़वा कस्बे में चर्चा है कि प्रशासन की बड़ी नाकामी है कि घटना के तीसरे दिन छापा मारना शुरू किया। कई लोग जो घर और दुकान में पटाखे की खेप रखे थे। वे रात के अंधेरे में तालाब-गड्ढों में लेकर जाकर फेंक दिए। कस्बे में बड़ी मात्रा में पटाखे पकड़े जाते तो प्रशासन की नाकामी उजागर होती और यह साबित हो जाता कि कस्बे में अवैध रूप से पटाखे बनाने और बेचने का कार्य चल रहा है।



रडार पर कई दुकानदार, जांच एजेंसियां खंगाल रहीं कुंडली

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यहां ऐसे कई दुकानदार हैं जो विस्फोट वाले मकान में दुकान चलाते थे। कुछ आसपास दुकान करते थे। जांच टीम ऐसे लोगों को चिह्नित करके उनकी कुंडली तैयार कर रही है। इसमें उनकी दिनचर्या कैसी ही। उनकी गतिविधि कैसी रहती थी। वे किन-किन लोगों से मिलते थे। उनके यहां किस प्रकार के लोगों का आना-जाना रहता है। यह सब जानकारी टीम जुटा रही है। ऐसे में कई और चेहरों के बेनकाब होने की आशंका है।



कस्बे के लोग कर रहे हैं चर्चा

अलीगढ़वा कस्बे में बम जैसे धमाके के बाद एक चर्चा तेजी से हो रही है। लोगों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में अखबार में काम करने वाले लोग बाॅर्डर की गतिविधियों से संबंधित खबरें उजागर करते हैं तो सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस प्रशासन दबाव बनाने के साथ ही उन्हें किसी ने किसी मामले में फंसा देता है। जैसा कि पूर्व में कई बार सामने आ चुका है। इसलिए मीडिया के लोग जानते हुए भी कुछ समाचार नहीं छाप पाते हैं। अगर मीडिया बाॅर्डर पर स्वतंत्र होती तो पटाखा रखने और बिकने की बात खबर के माध्यम से जरूर सामने आती। ऐसे में इतना बड़ा कांड होने से बच जाता। क्योंकि प्रशासन तब जरूर संज्ञान में लेता।



मांस का लोथड़ा मिला

घटना के चौथे दिन बृहस्पतिवार को घटनास्थल से मांस का लोथड़ा मिला है। आशंका है कि किसी घटना में किसी मृत के शरीर का हिस्सा होगा। कब्जे में लेकर उसे जांच के लिए भेज दिया गया है। इस संबंध में सीओ सदर अखिलेश कुमार वर्मा ने बताया कि मांस का लोथड़ा मिला है। उसे जांच के लिए भेजवा दिया गया है।
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बाजार खुला, बढ़ी चहल-पहल

अलीगढ़वा कस्बे में हुए विस्फोट के चौथे दिन शुक्रवार को बाजार में कुछ चहल-पहल बढ़ गई। 80 प्रतिशत दुकानें खुल गईं और लोगों ने आना-जाना शुरू कर दिया है। बाजार में सामान खरीदने वाले पहुंच गए थे। वहीं, घटना स्थल के आसपास उसी प्रकार से सुरक्षा व्यवस्था लगी है। कई थानों की पुलिस के अलावा दमकल कर्मी मौजूद हैं। घटना वाले स्थल को घेरकर रखा गया है। वहां पर किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक है।
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