12 से अधिक दुकानों पर पड़ा छापा, अलीगढ़वा कस्बे में धमाके के चौथे दिन बड़ी कार्रवाई
31 अक्तूबर को कस्बे के एक कटरे में बम जैसे धमाके में चार लोगों चली गई जान, चार हुए थे घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के नेपाल सीमा से सटे अलीगढ़वा कस्बे में हुए बम जैसे विस्फोट और आग लगने की घटना के चौथे दिन पुलिस को विस्फोटक के ढेर हाथ लगे। 29 बोरी विस्फोटक पटाखे उसी क्षेत्र से पुलिस ने बरामद किया, जहां हुए विस्फोट ने चार की जान ले ली थी और चार लोग झुलस गए थे।
विस्फोटक पटाखों के साथ पकड़ा गया दुकानदार मोहाना थाना क्षेत्र के बर्डपुर के मुल्लाखास गांव का रहने वाला है। वह अलीगढ़वा में कास्मेटिक और खिलौने की दुकान चलाता था। पुलिस ने केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने के बाद उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से जेल भेज दिया गया। पकड़े गए पटाखे की खेप ने यह साबित कर दिया कि अलीगढ़वा कस्बा बारूद के ढेर पर बसता है। कार्रवाई न होने का नतीजा है कि इतनी बड़ी घटना हुई।
अलीगढ़वा कस्बे के एक कटरे में जहां 12 से अधिक लोग कपड़े, जूता, चप्पल सहित कई दुकान करते थे। आठ से अधिक लोग गोदाम के रूप में उपयोग करते थे। 31 अक्तूबर की दोपहर में बाजार में चहल-पहल थी। इसी बीच बम जैसे धमाके के बाद पूरा कटरा दहल उठा था। धमाका ऐसा था कि मकान का जर्रा-जर्रा तबाह हो गया था। चार की मौत और चार गंभीर रूप से झुलस गए थे।
एटीएस ने डेरा डाला और जांच करके कई तथ्य लेकर साथ गई। एक अलावा बम निरोधक दस्ता और अन्य कई एजेंसियां जांच कर रही हैं। तीन दिन बुधवार रात पुलिस ने कस्बे के कई स्थानों पर छापा मारा। घटना वाले एरिया में स्थित एक कास्मेटिक की दुकान से 29 बोरी विस्फोटक पटाखे बरामद किए गए। साथ ही एक दुकानदार अब्दुल्लाह उर्फ गुड्डू निवासी बर्डपुर नंबर नौ टोला मुहल्ला खास थाना मोहाना को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया। पूछताछ करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस संबंध में सीओ सदर अखिलेश कुमार वर्मा ने बताया कि एक दुकानदार को विस्फोटक पटाखों के साथ पकड़ा गया। केस दर्ज करके उसे जेल भेज दिया गया।
जहां हुआ विस्फोट, वहां से 20 मीटर दूर पर मिला जखीरा
जिस दुकान से पटाखे की बड़ी खेप पकड़ी गई है। घटनास्थल से उसकी दूरी बमुश्किल 20 मीटर होगी। अगर आग पर समय से काबू पाने की कोशिश नहीं की गई होती तो वहां भी आग भड़कने और विस्फोट होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि जितनी मात्रा में विस्फोटक पटाखे पकड़े गए हैं, उससे भवन जमींदोज होने के साथ ही बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
रातभर चली छापेमारी
अलीगढ़वा कस्बे में विस्फोट के तीसरे दिन बुधवार पूरी रात संदिग्ध दुकानों पर पुलिस की कई टीमों का एक साथ छापा पड़ा। टीमें अलग-अलग दुकानों और घरों में घंटों जांच करती रहीं। फिलहाल, एक ही दुकान से पटाखे की खेप पकड़ी गई। अभी 10 से अधिक लोगों के पकड़े जाने की आशंका है। फिलहाल, पुलिस अभी कुछ बोल नहीं रही है।