फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: अलीगढ़वा विस्फोट के आरोपी की जमानत खारिज

Tue, 28 Nov 2023 02:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने नेपाल सीमा पर स्थित अलीगढ़वा कस्बे में विस्फोट के अभियुक्त की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कपिलवस्तु थाना के ठकुरापुर निवासी आरोपी असीरुद्दीन जेल में बंद है। विस्फोट इतना तगड़ा था कि कांपलेक्स के परखच्चे उड़ गए थे। मृतकों के शव भी टुकडें में मिले थे। इस मामले में चार लोगों की जान चली गयी थी एवं कई लोग घायल हुए थे तथा संपत्ति का भारी नुकसान हुआ था। इस घटना से लोगों में भय व दहशत का माहौल व्याप्त हो गया था।
विज्ञापन

कोतवाली कपिलवस्तु से कुछ ही दूरी पर अलीगढ़वा कस्बे में हुई घटना 31 अक्तूबर 2023 की है जो दोपहर एक बजे घटी थी। थाने पर एसआई रवि प्रताप सिंह सेंगर द्वारा दी गयी तहरीर के अनुसार घटना के वक्त वह थाने पर मौजूद थे। कस्बा अलीगढ़वा के तरफ से अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दिया और धुंआ का गुबार दिखाई दिया। वह हमराही सिपाही सोनदेव कुमार के साथ कस्बा अलीगढ़वा कस्बे में स्थित असीरुद्दीन पुत्र सहाबुद्दीन निवासी ग्राम ठकुरापुर थाना कपिलवस्तु के कांपलेक्स के पास पहुंचे जहां पर आग लगी हुई थी। जहां लोग बचाओ बचाओ की आवाज लगा रहे थे।
कांपलेक्स मालिक असीरुद्दीन द्वारा बिना मानकों को पूर्ण किए हुए व बिना लाइसेंस के व्यक्तिगत आर्थिक लाभ के लिए चोरी से उसमें विस्फोटक पदार्थ, गैस सिलिंडर व फ्रीज आदि के भंडारण के लिए मकान किराये पर दे रखा था। उसके पास पटाखा रखने का कोई लाइसेंस भी नहीं था। फ्रीज कंप्रेशर आदि सामान रखने के संबंध में सुरक्षा के मानकों को पूर्ण नहीं किया गया था, जिससे उक्त घटना घटित हुई। विस्फोट से अलीगढ़वा निवासी अजय कसौधन, नेपाल के सुफियान व गुड्डू हुसैन एवं एक अज्ञात आदि की झुलस कर मृत्यु हो गई और कई लोग घायल हो गये। जिनमें दो का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
विज्ञापन

असीरुद्दीन के इस आपराधिक कृत्य से उक्त घटना कारित हुई है, जिससे अब तक चार लोगों की मृत्यु हो गई तथा कई घायल हैं। इसके इस कृत्य से जनहानि की भारी क्षति हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके केस दर्ज कर लिया और विवेचना में लग गयी। नसीरुद्दीन ने जमानत अर्जी दाखिल किया और कहा कि वह मकान का मालिक नहीं है ना ही उसने किराए पर उक्त कांपलेक्स दिया है। इसके विपरीत पुलिस ने बिना किसी गुनाह के उसे आरोपी बना दिया है। पुलिस ने स्वयं को सुरक्षित करने के लिए उसे अभियुक्त बनाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने जमानत का विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर पत्रावली व अन्य प्रपत्रों का अवलोकन किया और मामले में कोई राय व्यक्त किए बिना अभियुक्त के जमानत का पर्याप्त आधार न पाते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें