- चार साल पहले इसी गांव का एक व्यक्ति गोंडा में जाली नोट के साथ पकड़ा गया था, अलीम भी था शामिल
- भवानीगंज थाने की पुलिस ने जाली नोट के साथ दो आरोपियों को किया था गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जाली नोट मामले में भवानीगंज पुलिस के लिए अलीम ताश का इक्का है। उसके पकड़े जाने के बाद ही नोट बनाने और कहां-कहां खापाया गया है। इसका पर्दाफाश हो सकेगा। अलीम इस खेल का मास्टर माइंड है और वह जाली नोट कांड में गोंडा पुलिस के हत्थे चार साल पहले चढ़ा था। जिसमें सलाखों के पीछे भी जा चुका है। एक बार फिर वह नेटवर्क को खड़ा कर रहा है। भवानीगंज पुलिस और स्पेशल सेल उसकी गिरफ्तारी के लिए जाल फैला रही है। वहीं, पकड़े गए आरोपियों से जेल में पूछताछ कर सकती है।
भवानीगंज पुलिस ने क्षेत्र के धनखरपुर गांव निवासी साबान और सादाब को पौने दो लाख रुपये जाली नोट के साथ दबोचा था। उनके कब्जे से नोट बनाने वाले कैमिकल बरामद हुआ हुआ। जिसकी जांच प्रयोगशाला में होगी। इस मामले में मास्टर मांइड अलीम निवासी पुरैैना जो पहले धनखरपुर में रहता था और शादाब का रिश्ते में फूफा है वह फरार चल रहा है। पूछताछ में पकड़े गए दोनों आरोपियों से पुलिस को पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी। अब पुलिस की निगाह अलीम पर है, वह उसकी तलाश में लगी हुई है। शनिवार जब दोनों आरोपियों के गांव में जानकारी ली गई तो पता चला कि साबान चार साल से मुंबई में रहता था और ईद में ही गांव में आया था। चेहल्लुम के बाद उसे मुंबई जाना था। वहीं शादाब का पूरा परिवार मुंबई मेंं रहता है। वह लोग ठेकेदारी का कार्य करते हैं। गांव से मजदूर लाने के लिए आठ दिन पहले ही गांव आया था। गांव में इन्होंने कभी विवाद नहीं किया। अच्छी तरह से रहते थे। कुछ लोगों ने दबी जुबान से कहा कि अलीम नहीं ही उन्हें लालच देकर भड़काया होगा। कारण गांव एक व्यक्ति चार साल पहले गोंडा जिले के छपिया थाना में जेल में गया था। वह भी जाली नोट के मामले में पकड़ा गया था। उसके कुछ ही दिन ही बाद अलीम भी वहीं पकड़ा गया था। जानकारी मिली थी कि फ्राड के मामले में पकड़ा गया था। छह माह जेल भी काट चुका है। लोग यह भी चर्चा करते दिखे के दोनों की वजह से गांव के एक भी बदनाम हो गया। वहीं पुलिस अलीम को दबोचने के लिए हर तरह से प्रयास में लगी है। इस संबंध में एसपी अभिषेक कुमार अग्रवाल ने बताया कि मामले की छानबीन चल रही है। पुलिस टीम अलीम की गिरफ्तारी के लिए लगी है। उसके पकड़े जाने के बाद पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी मिलेगी।