अलीगढ़वा कस्बे में दुकानों के बंद होने से पसरा सन्नाटा।
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सिद्धार्थनगर। पत्रकार के उत्पीड़न व सीमाई लोगों पर बर्बरता से गुस्साया पूरा अलीगढ़वा कस्बा सोमवार को एसएसबी के विरुद्ध लामबंद हो गया। दिनभर दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों-ग्रामीणों का हुजूम कलेक्ट्रेट पहुंचा। एसएसबी के डिप्टी कमांडर व अधीनस्थों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रभारी डीएम को ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि अगर पत्रकार के साथ न्याय और उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने वाले एसएसबी के अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह कड़े कदम उठाने को बाध्य होंगे।
भारत-नेपाल सीमा के पास से पत्रकार ध्रुव यादव को जबरन उठाने और उत्पीड़न की घटना के बाद से एसएसबी के प्रति लोगों में आक्रोश है। देर रात तक लोग एसएसबी पोस्ट और कपिलवस्तु थाने के पास डटे रहे।
अलसुबह ही बाजार बंद कर व्यापारी सहित आसपास के कई गांवों के सैकड़ों लोग कलेक्ट्रेट पहुंच गए। भाजपा नेता चौधरी अमर सिंह, हियुवा के जिला प्रभारी श्यामधनी राही, भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राधेरमण त्रिपाठी, राजू पाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट रवि खन्ना व कर्मचारियों के खिलाफ जमकर नारे लगाए। मौके पर पहुंचे प्रभारी डीएम अखिलेश तिवारी ने ग्रामीणों से वार्ता की। उनका ज्ञापन लिया। ज्ञापन देने वालों में अब्दुल कलाम, मो. शफीक, महबूब खान, सुल्तान, दिनेश, रामानुज यादव, रामकृपाल वर्मा आदि शामिल रहे।