सिद्धार्थनगर। फिल्म पद्मावती को लेकर विरोध जिले में भी उग्र होने लगा है। सोमवार को विश्व हिंदू महासंघ के संयोजन में अधिवक्ताओं, कर्मचारियों व क्षत्रिय महासभा के सदस्यों ने जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट के समक्ष नारेबाजी करते हुए फिल्म के निर्माता संजय लीला भंसाली का पुतला फूंका।
राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रेषित करते हुए फिल्म के प्रदर्शन पर पूर्णतया रोक लगाने और देश के गौरवपूर्ण इतिहास से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह के नेतृत्व में न्यायालय परिसर से जुलूस निकल कर कलेक्ट्रेट पहुंचा। जुलूस में शामिल लोग फिल्म यूनिट से जुड़े लोगों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। पुतला दहन के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय जनमानस रानी पद्मावती को रानी मां की संज्ञा से विभूषित करता रहा है।
फिल्म में उनके किरदार को नर्तकी के रूप में चित्रण कर गलत संदेश दिया जा रहा है। अब अपने कृत्य को सही साबित करने के लिए संजय लीला भंसाली गलत तर्कों का सहारा ले रहे हैं। उपाध्यक्ष सुनील कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सिर्फ पैसा कमाने के मकसद से भारत के गौरवशाली इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करना अनुचित है। वक्ताओं ने फिल्म निर्माण में धन के स्रोत की जांच सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि विश्वरूपम फिल्म को ट्रेलर के आधार पर प्रतिबंधित किया गया था। उसी प्रकार भारतीय जनमानस की भावना को आहत करने वाली फिल्म पद्मावती को भी प्रतिबंधित किया जाए। इस प्रदर्शन में दिव्य प्रकाश शुक्ल, त्रियुगी चौहान, संजीव श्रीवास्तव, अजय पांडेय, अनिल सिंह, भूपेश शुक्ल, दीपेंद्र मणि त्रिपाठी, दिनेश मिश्र, राजेश कुमार मिश्र, शिवसागर दुबे, आरके सिंह, श्रवण कुमार श्रीवास्तव, सुरेंद्र त्रिपाठी, राजेश श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।