भनवापुर। डुमरियागंज थाना क्षेत्र के जिमड़ी गांव में शनिवार को देवर ने भाभी की चाकू गोद कर हत्या कर दिया था। इससे मृतका के दो मासूम बच्चों के परवरिश और देखभाल को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। आखिर पिता बाहर रहकर रोजी-रोटी करता है, तो बच्चों की पढ़ाई लिखाई कैसे होगी। लेकिन पढ़ाई की समस्या अब समाप्त हो गई है। बच्चों की परवरिश उनके नाना करेंगे और वहीं से स्कूल भेजेंगे।
सोमवार को मृतका समीना के पति जमालुद्दीन से बात हुई तो उन्होंने बताया कि मैं रोजी-रोटी के लिए बाहर रहता हूं। पत्नी समीना की हत्या के बाद इन बच्चों सुमैला ढ़ाई साल व मुबाशिर पांच साल का देखभाल करने वाला घर पर कोई नहीं है। दोनों बच्चों का बेहतर देखभाल के लिए उनके ननिहाल बंजरहवा में छोड़ देंगे, जिसका जो भी पढ़ाई लिखाई का खर्च होगा उसे मैं दूंगा। बंजरहवा से बेटे मुबाशिर के स्कूल आने जाने में समस्या होने की बात पर जमालुद्दीन ने बताया कि स्कूल की दूरी लगभग बराबर है। इस लिए कोई परेशानी नहीं होगी।मृतका समीना के पिता अब्दुल मोबीन ने बताया कि हमारी बेटी तो अब इस दुनिया में नहीं रही, उसके इन दो बेसहारा मासूमों का सहारा बन कर मैं खुद परवरिश और देखभाल करूंगा