धनोहरी गांव में विभागीय लापरवाही से चार साल से अधूरा पड़ा आगंनबाड़ी केन्द्र का भवन।
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डुमरियागंज। भनवापुर ब्लॉक के धनोहरी गांव में चार वर्ष पहले बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र का भवन अभी भी अधूरा है। न तो सरिया लगा है न ही प्लास्टर हुआ है। यह हाल एक ही केंद्र का नहीं अधिकांश भवन अभी अधूरे पड़े हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार भवन निर्माण पूरा कराने को लेकर गंभीर नहीं हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में नौनिहालों को प्राथमिक शिक्षा, धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा और कुपोषण पर रोकथाम को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की तैनाती की गई है। ये सभी खुद के भवन में केंद्र का संचालन करें, इसके लिए लाखों रुपये खर्च कर कार्यदाई संस्थाओं से भवन का निर्माण कार्य करवाया गया। इसमें एक उदाहरण क्षेत्र के धनोहरी गांव में अर्द्धनिर्मित आगंनबाड़ी केंद्र का भवन है। जिसका निर्माण वर्ष 2013-14 में यूपीपीसीएल की ओर से शुरू तो करवाया गया, लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका। अधूरे भवन की हालत यह है कि भवन का सिर्फ पिलर व बीम ही बना है। गांव निवासी साधू, प्रकाश, ओमप्रकाश, रामबचन, भुर्रे आदि ने बताया कि निर्माण जब शुरू हुआ तो तेजी से हो रहे काम को देख लगा कि महीने भर के अंदर ही भवन बन जाएगा। लेकिन ठेकेदार अचानक काम बंद कर गायब हो गया।
जिसके बाद फिर दोबारा काम शुरू नहीं हुआ। चार साल बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं हो सका है। लोगों ने निर्माण कार्य की जांच कराकर अधूरे भवन को पूरा कराने की मांग की है। इस संबंध में भनवापुर सीडीपीओ राजेश यादव ने बताया कि वह अभी मीटिंग में हैं, बाद में बात करेंगे। वहीं डुमरियागंज एसडीएम अरुण कुमार राय ने बताया कि उन्हें अधूरे आगंनबाड़ी केंद्र की जानकारी नहीं है। शिकायत के आधार पर जांच के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा जाएगा।