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चाइनीज सेब के बाद अब बेर की भी तस्करी

Sun, 22 Jan 2017 10:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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चाइनीज बेर। - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। नेपाल की खुली सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर तस्करी जोरों पर है। चीन के फल सीमावर्ती क्षेत्रों में खुलेआम बिक रहे हैं। इस समय चाइनीज सेब व बेर से बाजार पटा पड़ा है। फल मंडी में चीन की धमक व तस्करी का खुलासा होने के बाद अब पुलिस चाइनीज फलों की तस्करी से जुड़े लोगों के संबंधों को खंगालने में जुट गई है। 
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यह वक्त बेर का नहीं है, मगर जिले के बाजार में पका हुआ बेर बिक रहा है। वह भी छोटे अमरुद के बराबर। सीमावर्ती क्षेत्रों के कस्बों में चाइनीज बेर से दुकानें पटी पड़ी है। ठेले पर बेर बिक रही है। बाजारों में चाइनीज सेब भी धड़ल्ले से बिक रहा है, लेकिन हैरानी की बात है कि सुरक्षा एजेंसियों को यह सब नहीं दिख रहा। नेपाल की 65 किमी खुली सीमा का लाभ उठा तस्कर आराम से चाइनीज फलों की तस्करी में लगे हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि नेपाल के सीमावर्ती बाजारों में चाइनीज फलों को लाया जाता है। उसके बाद फलों को समय देख व्यापारियों तक पहुंचाया जाता है। सूत्र के मुताबिक इस पूरे धंधे में नेपाल में बैठे एक स्टाकिस्ट का ही नेटवर्क काम कर रहा है।
जिले के तीन चिह्नित आढ़तियों के पास ही चाइनीज फल पहुंचता है। इसका खुलासा 18 जनवरी को दो गाड़ियों से बांसी ले जा रहे चाइनीज सेब की बरामदगी के बाद स्वाट टीम की पूछताछ में हुआ है। स्वाट टीम व जोगिया कोतवाली पुलिस ने 237 पेटी चाइनीज सेब बरामद किया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि नेपाल में बैठा स्टाकिस्ट के प्रगाढ़ संपर्क चीन में भी है। भारतीय मूल के इस नेपाली नागरिक का सुरक्षा एजेंसियों के लोगों से प्रगाढ़ता का भी सत्यापन हुआ।
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पुलिस व स्वाट टीम अब यह खोजने में लगी है कि भारतीय आढ़ती व नेपाल के स्टाकिस्ट के बीच किस हद तक के संबंध है। इस संबंध में सीओ सदर अकमल खान ने कहा कि चीन के फलों की तस्करी मामले की विवेचना के लिए स्वाट टीम को लगाया गया है। कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग से भी पुलिस संपर्क कर जांच करने को कहेगी।
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