सिद्धार्थनगर। एसडीएम-अधिवक्ता विवाद को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक बार फिर अधिकारी व अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता किया। चार बिंदुओं के मांग में तीन पर सहमति बनी। अधिकारियों ने एसडीएम के स्थानांतरण करने का आश्वासन दिया।
मुकदमा समाप्त करने के लिए कहा लेकिन एसडीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने में असमर्थता जाहिर की। इस बिंदु पर अड़े अधिवक्ताओं ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। शुक्रवार को बार एसोसिएशन ने कार्यकारिणी व सदस्यों की बैठक बुला कर रणनीति तैयार करने को कहा।
6 अक्टूबर को बांसी एसडीएम अवधेश कुमार मिश्रा व अधिवक्ता आदित्य प्रसाद त्रिपाठी के बीच हुई मारपीट मामले का पटाक्षेप करने के लिए बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक किया। अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने समझौते के संबंध में चार बिंदुओं का मांगपत्र सौंपा।
पहले बिंदु में कहा गया कि एसडीएम पर मुकदमा दर्ज किया जाए। दूसरे बिंदु में कहा कि पीड़ित अधिवक्ता के विरुद्ध दर्ज मुकदमा समाप्त किया जाए। अधिवक्ता के खिलाफ की गई अवमानना की कार्रवाई को समाप्त किया जाए।
अंतिम बिंदु में कहा कि एसडीएम बांसी का स्थानांतरण किया जाए। अधिकारियों ने पहले बिंदु को छोड़ बाकी सभी को मान लिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मुकदमा दर्ज होगा, तभी सम्मान जनक समझौता किया जाएगा। उसके बाद प्रशासन दोनों मुकदमों को समाप्त करा दे।
इस दौरान अध्यक्ष सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन रामशंकर पांडेय, महामंत्री राधेश्याम मिश्रा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नर्मदा प्रसाद त्रिपाठी, अध्यक्ष बांसी बार एसोसिएशन बंशीधर पांडेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद राय, अधिवक्ता एचएन उपाध्याय, शिवकुमार लाल श्रीवास्तव, विरेंद्र मिश्रा, रमेश उपाध्याय, रामकृपाल मौर्या, सालिक राम मिश्रा, दिनेश कुमार त्रिपाठी, अनिरुद्ध यादव, अवध नरेश दुबे, ईश्वरचंद्र दुबे, कन्हैया पांडेय सहित सीडीओ अखिलेश तिवारी, एडीएम पीके जैन, एएसपी मंशाराम गौतम, एसडीएम सदर योगानंद पांडेय, बांसी एके मिश्रा, एसओ सदर शिवाकांत मिश्रा, बांसी शमशेर बहादुर सिंह आदि रहे।