सिद्धार्थनगर। कई मरीजों की मौत और हंगामे के बाद प्रशासन निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुहिम छेड़ने जा रहा है। जनपद में बिना लाइसेंस के संचालित होने वाले अस्पतालों की जांच करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए तहसील स्तरीय टीम गठित की गई है, जो अपने- अपने तहसील क्षेत्र अभियान चलाकर कार्रवाई करते हुए 15 दिन के भीतर प्रशासन को रिपोर्ट देगी। फर्जी अस्पतालों के संचालन होने का मामला शासन में पहुंचने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू करने के लिए टीम का गठन किया है।
जनपद में हर चौराहे और ग्रामीण क्षेत्र में अस्पताल और क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। बड़े अस्पतालों के डॉक्टरों का नाम बड़ा-बड़ा छपवाकर मरीजों को झांसे में ले रहे हैं। इसके बाद उनका शोषण कर रहे हैं। अप्रशिक्षित चिकित्सकों के इलाज से लोगों की जान जा रही है। बर्डपर ब्लॉक क्षेत्र में दो ऐसे अस्पताल पाए गए, जिनमें कई खामियां मिली थीं। इसके बाद उनके संचालक और चिकित्सकों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। शोहरतगढ़ कस्बे में अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पताल को पकड़ा गया था। जनपद मुख्यालय पर भी बिना मानक अस्पताल के संचालन पाए जाने पर सील किया गया था। इसके बाद भी जनपद में बड़े पैमाने पर ऐसे मानकविहीन अस्पताल संचालित हो रहे हैं। अवैध रूप से अस्पतालों के संचालित होने के संबंध में शोहरतगढ़ विधायक ने शासन में शिकायत किया था।
मामला शासन में पहुंचा तो प्रशासन हरकत में आ गया है। अब तहसील स्तर पर टीम गठन किया गया है। यह टीम अपने-अपने क्षेत्र में पड़ने वाले अस्पतालों की जांच करेगी। अनियमितता या फिर बिना लाइसेंस के संचालित होता हुआ मिलने पर सील करने के साथ ही केस दर्ज कराने का कार्य करेगी। 15 दिन के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में एडीएम उमाशंकर ने बताया कि टीम का गठन किया गया। अवैध रूप से संचालित होने वाले अस्पतालों की जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
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एसडीएम बनाए गए हैं अध्यक्ष
तहसील स्तर पर गठित की गई जांच में टीम में संबंधित तहसील के एसडीएम मुख्य जिम्मेदार बनाया गया है। इसके अलावा जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम के डॉक्टर, इसके अलावा संबंधित क्षेत्र के सीएचसी के अधीक्षक शामिल हैं। जांच के दौरान सभी लोग मौजूद रहेंगे और कार्रवाई करेंगे।