गेहूं क्रय केंद्रों पर अधिकारियों का क्रॉस चेकिंग अभियान लगातार दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रहा। अभियान के दौरान एसडीएम ने खरीद की वास्तविक तस्वीर देखी। दो केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। खरीद की धीमी गति और किसानों को भुगतान न करने पर क्रय केंद्र बेल्टीकर के केंद्र प्रभारी को चेतावनी दी गई। इसके अलावा कुछ केंद्रों पर धन की कमी तो कहीं ट्रांसपोर्ट की समुचित व्यवस्था न होने से आ रही दिक्कतों के संबंध में भी रिपोर्ट दी गई।
डीएम कुणाल सिल्कू ने गेहूं खरीद की वास्तविक तस्वीर की जांच के लिए अन्य विभागों के अधिकारियों को दो-दो क्रय केंद्र आवंटित कर क्रॉस चेकिंग करने का निर्देश दिया। कहा कि खरीद की हकीकत जानने के लिए गेहूं बेचने वाले किसानों से वार्ता की जाए। कितना गेहूं बेचा गया है, इसकी तस्दीक की जाए। कितना भुगतान दिया गया है, इसकी भी जानकारी लें। इसी क्रम में अधिकारियों ने रविवार को क्रय केंद्रों की चेकिंग की थी। एसडीएम सदर विनीत उपाध्याय ने क्रय केंद्र बेल्टीकर का निरीक्षण किया। उन्होंने खरीद की धीमी गति पर नाराजगी जताई। यहां जांच में 11 किसानों से मात्र 600 क्विंटल गेहूं की खरीद मिली। भुगतान के लिए आवंटित एक लाख रुपये में एक भी पैसा न खर्च करने को गंभीरता से लिया। क्रय एजेंसी पीसीएफ को चेतावनी दी कि दो दिनों के अंदर स्थिति में सुधार लाए। क्रय केंद्र गढ़मौर में 51 किसानों से दो हजार 300 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। भुगतान की स्थिति भी संतोषजनक मिली। जिला आबकारी अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने उपभोक्ता सहकारी समिति बलुआ का निरीक्षण किया। यहां 49 किसानों से तीन हजार 309 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। 33 किसानों को भुगतान किया गया है। 16 किसानों के खरीद का 19 लाख रुपये का बकाया है। उपभोक्ता सहकारी समिति थुमुवा में अभी तक 19 किसानों से एक हजार 598 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। यहां ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था ठीक नहीं रहने से करीब एक हजार क्विंटल गेहूं डंप है। प्रशासन से भुगतान के लिए पांच लाख रुपये आवंटित किए गए थे। चार किसानों को चार लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया है। 15 किसानों को बकाया लगाया गया है। इस संबंध में डीएम कुणाल सिल्कू ने कहा कि गेहूं खरीद पर निगाह रखी जा रही है। अधिकारियों से क्रय केंद्रों की क्रॉस चेकिंग भी कराई जा रही है। पहले दिन की रिपोर्ट के आधार पर दो केंद्रों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। खरीद में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।