सदर थाने पर एंटी करप्शन टीम के गिरफ्त में आरोपी लेखपाल राहुल। संवाद
खतौनी में नाम दुरुस्त करने के लिए मांगे थे पांच हजार रुपये
बांसी कोतवाली क्षेत्र के पुरानी कचहरी से बाहर जाने वाले मार्ग से रिश्वत लेते हुए पकड़ा
- बांसी तहसील क्षेत्र के मझगवां गांव निवासी व्यक्ति की शिकायत पर हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। एंटी करप्शन बस्ती मंडल की टीम ने मंगलवार को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते बांसी में तैनात एक लेखपाल को रंंगे हाथों पकड़ लिया। सदर थाने में लाकर पूछताछ की। इसके बाद भ्रष्टाचार अनिवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया। पुलिस ने उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। खतौनी में नाम सही के मामले में रुपये मांगने की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है। पकड़े जाने की सूचना पर लेखपाल थाने पर पहुंच गए और गलत कार्रवाई का आरोप लगाते हुए घंटों थाने पर डटे रहे। कार्रवाई होने के बाद सभी लौटे गए।
बांसी तहसील क्षेत्र के मझगवां गांव निवासी शैलेंद्र दुबे के पिता अंजनी दुबे के नाम में त्रुटि थी। खतौनी में नाम सही करवाने के लिए तहसील का चक्कर लगा रहे थे। काम के बदले रुपये की मांग की जा रही थी। रुपये नहीं देने पर उन्हें दौड़ाया जा रहा था। पीड़ित ने एंटी करप्शन बस्ती मंडल में इसकी शिकायत की थी। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए एंटी करप्शन बस्ती मंडल के प्रभारी निरीक्षक सुखबीर सिंह भदौरिया मंगलवार को टीम के साथ बांसी पहुंचे। यहां शिकायतकर्ता को केमिकल लगाकर पांच हजार रुपये हलका लेखपाल राहुल कुमार निवासी इंद्रानगर लखनऊ को देने के लिए भेजा। इसके बाद शैलेंद्र ने पुरानी कचहरी जाने वाले रास्ते पर स्थित राकेश तिवारी घर के सामने रुपये देने के लिए बुलाया। रुपये लेते ही टीम धमक पड़ी और राहुल कुमार को दबोच लिया। इसके बाद उसे बांसी कोतवाली के बजाए सदर थाने पर लेकर पहुंचे। यहां घंटों पूछताछ करने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज करवाया। इसके बाद सदर पुलिस ने न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस संबंध में एंटी करप्शन बस्ती मंडल के प्रभारी निरीक्षक सुखबीर सिंह भदौरिया ने बताया कि रिश्वत मांगने की शिकायत शैलेंद्र दुबे ने की थी। टीम ने पांच हजार रुपये रिश्वत लेते लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया। सदर थाने में केस दर्ज करवाया गया है। जहां से पूछताछ करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।