सिद्धार्थनगर। होली शब्द पवित्रता का पर्व है, यह समाज को एकता के सूत्र में बांधता है। होली के दिन लोग गिले शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर गले मिलते हैं। यह आपसी सौहार्द को बनाने वाला पर्व होता है। इसलिए यह पर्व सबसे खास माना जाता है।
यह बातें आरएसएस के विभाग प्रचारक राजीव नयन ने कही। वह रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज तेतरी बाजार में आयोजित होली मिलन समारोह कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि होली जैसे पवित्र पर्व को शालीनता के साथ मनाया जाना चाहिए। उमंग व उत्साह में अपनी मर्यादा को नहीं भूलना चाहिए। कार्यक्रम में आए स्वयंसेवकों ने आपस में अबीर गुलाल लगाकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी। इस दौरान विमल द्विवेदी, अखिलेश नारायण श्रीवास्तव, शेषमणि प्रजापति, मुरलीधर अग्रहरि आदि उपस्थित रहे। संवाद