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एक लाख बच्चों को नहीं मिलेगी ड्रेस की धनराशि

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एक लाख बच्चों को नहीं मिलेगी ड्रेस की धनराशि
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- आधार कार्ड की फीडिंग नहीं होने से आई दिक्कत
- लापरवाही पर एक हजार से अधिक शिक्षकों का रोका गया वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। परिषदीय स्कूलों में आधार कार्ड की फीडिंग नहीं होने से एक लाख से अधिक बच्चों की ड्रेस की धनराशि उनके अभिभावकों के खाते में नहीं भेजी जा सकी है। आधार कार्ड फीडिंग के कार्य में लापरवाही पर एक हजार से अधिक शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। वेतन रोकने की कार्रवाई के 10 दिन बाद भी आधार फीडिंग कार्य में प्रगति नजर नहीं आ रही है। बीएसए ने बिना शत-प्रतिशत फीडिंग कार्य हुए वेतन बहाल नहीं करने का निर्देश दिया है।
जिले के प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में पढ़ रहे 3.65 लाख से अधिक बच्चों के ड्रेस, बैग और जूते आदि खरीदने के लिए अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी जाती है। विभाग की तरफ से बच्चों के आधार कार्ड का सत्यापन एवं फीडिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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इसके बाद सभी स्कूलों के दो लाख से अधिक बच्चों के आधार फीडिंग कार्य कराए गए, लेकिन अभी भी कई स्कूलों के एक लाख से अधिक बच्चों के आधार कार्ड की फीडिंग एवं सत्यापन नहीं हो सका है। इस वजह से बच्चों के अभिभावकों के खाते में ड्रेस की धनराशि नहीं जा सकी है।
इस मामले में लापरवाही के कारण बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने नौ अगस्त को जिले के 13 ब्लॉकों के 256 परिषदीय स्कूलों के सभी शिक्षकों एवं कर्मियों का वेतन रोक दिया था। साथ ही आधार सत्यापन में देरी होने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
दस दिन बाद भी आधार कार्ड की फीडिंग में कोई प्रगति नहीं हो सकी है। इनमें कई विद्यालय ऐसे हैं जहां के आधे से अधिक छात्रों के आधार कार्ड का सत्यापित नहीं हो सका है।
ब्लॉकों के इतने स्कूलों पर हुई कार्रवाई
आधार कार्ड सत्यापन में लापरवाही मामले में सबसे अधिक खुनियांव के 55 परिषदीय स्कूलों पर कार्रवाई हुई है। इसके बाद इटवा के 45, बर्डपुर के 23, भनवापुर व नौगढ़ के 21-21, बढ़नी के 20, खेसरहा के 19, डुमरियागंज 13, उसका व जोगिया के 10-10, बांसी के नौ और लोटन व मिठवल के पांच-पांच स्कूलों के शिक्षकों एवं कर्मियों पर कार्रवाई की गई है।
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सिर्फ बीआरसी पर बन रहा आधार कार्ड
जिले के सभी 14 ब्लॉकों के बीआरसी पर ही परिषदीय स्कूलों के बच्चों का आधार कार्ड बनाया जा रहा है। पूरे ब्लॉक में सिर्फ एक केंद्र होने से कई स्कूल के बच्चों के आधार कार्ड बनने से देरी हो रही है। अध्यापकों का कहना है कि न्याय पंचायत स्तर पर भी आधार कार्ड बनाने का कार्य होने से समस्या समाप्त हो सकती है।
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