घर से निकले वृद्ध की नदी में डूबकर मौत
बांसी कोतवाली क्षेत्र के गोनहा ताल गांव का मामला
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
बांसी। कोतवाली क्षेत्र के राप्ती नदी में शनिवार को एक वृद्ध की मौत हो गई। रविवार की दोपहर पुलिस ने नदी में उतराती हुई लाश को बरामद किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के मुताबिक वह अवसाद का शिकार बताया जा रहा था।
नगर के पंतनगर वार्ड निवासी अनिल कुमार जायसवाल ने शनिवार शाम चार बजे कोतवाली में सूचना दी कि उसके पिता विजय कुमार जायसवाल (55) अवसाद ग्रस्त हैं। शनिवार सुबह घर से टहलने के लिए निकले थे, जो घर नहीं लौटे हैं साथ ही यह भी बताया कि राप्ती नदी तट पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि उसके पिता नदी में डूब गए हैं और उनका चप्पल वहीं मिला है। सूचना मिलते ही कोतवाल शैलेश कुमार सिंह एसआई शशांक सिंह, शेषनाथ यादव व पुलिस बल के साथ शाम 4.00 बजे से नदी में खोजना शुरू किया। रविवार की दोपहर 12 बजे कोतवाली क्षेत्र के गोनहाताल गांव के भूतनाथ मंदिर के पास राप्ती नदी में विजय कुमार जायसवाल का शव उतराता हुआ मिला। पुलिस ने शव को बरामद कर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ शैलेश कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
आत्महत्या करने जा रहे युवक को पुलिस ने बचाया
फोटो- 54
घर से नाराज होकर राप्ती नदी में कूदने जा रहा था युवक
गोल्हौरा क्षेत्र के महुआ कला गांव का है निवासी
अमर उजाला ब्यूरो
बांसी। गृह कलह से आजिज होकर एक युवक ने शनिवार रात राप्ती नदी के पुल पर पहुंचकर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस बीच डायल-100 की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने पकड़कर उसकी जान बचाई। इसके बाद परिजनों को थाने बुलाया और युवक को सुपुर्द कर दिया। इस पर परिजनों ने पुलिस की सराहना की है।
गोल्हौरा क्षेत्र के महुआ कला गांव निवासी सुग्रीव के घर में शनिवार शाम कुछ विवाद हो गया था। इससे नाराज सुग्रीव आत्महत्या की धमकी देते हुए घर से निकल गया। उसके बाद राप्ती नदी पर पहुंच गया। इसकी सूचना परिजनों ने तत्काल डायल 100 पर दी। डायल 100 की टीम के माध्यम से कोतवाली पुलिस को सूचना मिली की एक व्यक्ति राप्ती में कूदने वाला है। मामला संज्ञान में आते ही कोतवाल शैलेश कुमार सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पुल के पास से सुग्रीव को पकड़ कर थाने ले आए। कोतवाली पहुंचे सुग्रीव के चाचा राममिलन ने घटना की पूरी जानकारी दी। इसके बाद कोतवाल ने सुग्रीव को समझा-बुझाकर परिजनों के सुपुर्द किया।