सिद्धार्थनगर। बारिश के मौसम में शहर में जलभराव से लोगों को जल्द ही निजात मिल जाएगी। जलभराव वाले प्रत्येक मोहल्ले में जलनिकासी के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से एक मुख्य नाला और छोटी नालियों का निर्माण होगा।
लोगों के घर के गंदे पानी को एसटीपी के माध्यम से साफ करने के बाद जमुआर नाले में गिराया जाएगा। जलनिकासी के लिए बने मास्टर प्लान के तहत शुरूआत में दो मोहल्ले में कार्य होगा। नगर पालिका के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की स्वीकृति से शहरवासियों को राहत मिलेगी।
शहर के भीमापार एवं हेडगेवार नगर समेत शहर के कई मोहल्लों में बारिश के मौसम में जलभराव की स्थिति रहती है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से इन मोहल्ले के लोगों को घर से निकलना मुश्किल होता है।
भीमापार मोहल्ले में जलनिकासी के लिए नालियां न बनने से सड़कों पर जलभराव रहता है, जिससे लोगों को सड़क पर पसरे गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं हेडगेवार नगर, थरौली, शास्त्रीनगर एवं काशीराम आवास आदि मोहल्ले में भी लोगों को जलभराव से सांसत झेलनी पड़ रही है।
नगर पालिका की तरफ से इन मोहल्लों में जलनिकासी इंतजाम के लिए कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके तहत जलभराव से निजात के लिए मोहल्ले के प्रत्येक गली में नालियों का निर्माण करते हुए एक मुख्य नाले का निर्माण किया जाएगा।
जिसके माध्यम से लोगों के घर और दुकान के गंदे पानी की निकासी हो सकेगी। साथ ही नगर पालिका के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के पूरा होने से शहरवासियों को बारिश के मौसम में जलभराव की स्थिति जूझना नहीं पड़ेगा।