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Siddharthnagar News: नाव के पानी से नहाने गई बालिका लापता

Fri, 13 Oct 2023 11:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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लापता रिया।
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फोटो- है
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शरीर के दाने ठीक करने के लिए मां ने बूढ़ी राप्ती नदी में नाव के पानी से नहाने के लिए लोटा लेकर भेजा था
मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव में हुई घटना, गोताखोरों की मदद से तलाश में जुटी पुलिस, देर शाम तक नहीं चला पता

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव में सुबह छह बजे घर से निकली आठ वर्षीय बालिका लापता हो गई। साथ में ले गई लोटा गांव के पास से गुजरने वाली बूढ़ी राप्ती नदी के तट पर मिला। इससे परिवार के लोग आशंका व्यक्त कर है कि वह नदी में डूब गई होगी।
सूचना के बाद पुलिस स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश में जुटी हुई है। लेकिन देर शाम तक वह नहीं मिली। इसमें अंधविश्वास का भी मामला सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि बच्ची के शरीर पर दाना निकला हुआ था। मान्यता है कि नाव में एकत्र पानी में नहाने से ठीक हो जाता है। बच्ची के शरीर में दाना था और नाव में एकत्र पानी में नहाने की बात कहकर घर से निकली थी। डूबी या फिर किसी के साथ कहीं निकल गई। इसकी लोग चर्चा कर रहे हैं।
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क्षेत्र के रतनपुर गांव निवासी रामसुभग की आठ वर्षीय पुत्री रिया को उसकी मां ने मां ने नदी में चल रही नाव में एकत्र पानी से नहाने के लिए भेजा था। उसके शरीर में दाने निकल रहे थे। इस गांव के लोगों में मान्यता है कि शरीर में अगर दाना निकला है तो नदी में चल रही नाव में एकत्र पानी से नहाने से शरीर का दाना ठीक हो जाता है।
घरवालों के अनुसार, बच्ची घर से नाव में नहाने के लिए निकली थी। काफी देर बाद भी वापस नहीं आई तो घरवालों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। जब वह गांव से गुजरने वाली बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे गए तो खड़ी नाव में लोटा मिला। जिसे वह अपने साथ ले गई थी। घर वालों को शंका है कि लड़की नदी में डूब गई है। इसके बाद वे रोने और बिलखने लगे।
देखते ही देखते गांव के लोगों की भीड़ जुट गई। इसी बीच किसी ने घटना की जानकारी मिश्रौलिया पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश मेें जुटी है। देर शाम तक बच्ची का कोई पता नहीं चला। इस संबंध में एसओ मिश्रौलिया अरविंद कुमार गुप्ता ने बताया कि सूचना मिलने पर स्थानीय गोताखोरों द्वारा नदी में लड़की की तलाश की जा रही है।
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कहीं अंधविश्वास में चली न जाए रिया की जान

गांव के अधिकांश लोग यह कर रहे थे कि नदी में चलने वाली नाव जब गड़ी होती है तो रिसाव से उसमें पानी चला जाता है। अगर शरीर में दाने निकल रहे हों और लोटा लेकर उस पानी से स्नान किया जाए तो ठीक हो जाता है। जैसा कि पहले नहाने पर होता रहा है। यह मान्यता पूर्वजों के समय से चली आ रही है। लोगों ने आशंका व्यक्त की कि हो सकता है कि नाव में नहाने की बजाय पानी देखकर रिया नदी में आगे बढ़ी हो और डूब हो गई।
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